टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का आंदोलन स्थगित, सीएम योगी के आश्वासन पर खत्म हुआ आमरण अनशन
प्रयागराज, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रयागराज में शिक्षा निदेशालय पर पिछले कई महीनों से पुरानी नियमावली के तहत अतिरिक्त अवसर की मांग को लेकर चल रहा टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का आंदोलन आखिरकार स्थगित हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप और अवसर देने के सार्वजनिक आश्वासन के बाद जिला प्रशासन ने अनशन कर रहे अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया, जिसके बाद निदेशालय परिसर में जश्न का माहौल देखने को मिला।
अतुल मिश्रा ने कहा, "पिछले तीन महीनों से हम लोगों का क्रमिक अनशन चल रहा था और पिछले 18 दिनों से हमारे चार साथी आमरण अनशन पर बैठे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया है कि पुरानी नियमावली के तहत हमें एक अवसर दिया जाएगा। इसी वजह से प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने हमारा अनशन तुड़वाया है। इस बात की बहुत खुशी है कि मुख्यमंत्री ने हमारी बात सुनी और हमें एक अवसर दिया। हम लिखित आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हम लोग पीजीटी में पुरानी नियमावली के तहत अवसर के लिए लड़ रहे थे, उसी अर्हता और उसी पैटर्न पर एग्जाम हो। शिक्षा निदेशालय को तीन दिन से लगातार घेरे हुए थे, हमारे चार साथी लगातार अनशन पर थे, लेकिन मंगलवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र बांटते हुए कह दिया था कि जो टीजीटी-पीजीटी के अभ्यर्थी धरना दे रहे हैं, उनको अवसर देने का काम किया जाएगा, इसलिए आज चारों साथियों का आमरण अनशन तुड़वाया गया। हम लोग जश्न मना रहे हैं, हमें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री योगी ने कहा है तो अवसर जरूर मिलेगा।"
अजीत प्रताप ने कहा, "मुख्यमंत्री ने अवसर देने का आश्वासन दिया है। हम सब बहुत खुश हैं और जश्न मना रहे हैं। हमें विश्वास है कि अगर सीएम ने कहा है तो पुरानी नियमावली से अवसर आना चाहिए।"
एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा, "हमारे आंदोलन पर मुख्यमंत्री का बयान आया कि निर्णय हमारे पक्ष में लिया जाए और हमें मौका दिया जाए। हमें बहुत खुशी हुई और जो साथी आमरण अनशन पर थे, उनका अनशन तुड़वाया गया। सभी भाई-बहन मिठाई खा रहे हैं। हमें बस जल्द से जल्द नोटिस मिल जाए, यही काफी है।"
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