टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल फेंकना चिंताजनक, गेंदबाजों को बहाना नहीं करना चाहिए: सुनील गावस्कर
नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल में संपन्न 2 टेस्ट मैचों की श्रीलंका सीरीज 1-0 से अपने नाम की। गाले में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय टीम को 165 रन से जीत मिली थी। कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट में जीत की स्थिति में होने के बावजूद भारतीय टीम को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। कोलंबो में भारतीय गेंदबाज श्रीलंका की दूसरी पारी में निचले क्रम के बल्लेबाजों को आउट नहीं कर सके और टेस्ट ड्रा रहा।
भारतीय टीम के लिए इस सीरीज में देवदत्त पड्डिकल और मानव सुथार के रूप में 2 स्टार मिले। देवदत्त पड्डिकल ने बल्लेबाजी और सुथार ने गेंदबाजी में असाधारण प्रदर्शन किया। गेंदबाजी भारत के लिए चिंता का विषय रही। दूसरे टेस्ट में भारत की तरफ से 13 नो बॉल फेंके गए। यह किसी भी टीम के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
भारतीय टीम द्वारा फेंके गए नो बॉल की संख्या पर सुनील गावस्कर ने कहा, "भारतीय गेंदबाजों को नो-बॉल पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। इससे खेल प्रभावित होता है। खेल के बहुत कम पहलू ऐसे होते हैं जो पूरी तरह से खिलाड़ियों के नियंत्रण में होते हैं, और एक बल्लेबाज का गार्ड लेना और एक बॉलर का नो-बॉल न करना, ऐसे ही दो पहलू हैं। खिलाड़ी इंटरव्यू के दौरान कंट्रोल में काम करने की बात करते हैं। आज के दौर में रन-अप को मार्क करने के लिए एक टेप मेजर मौजूद है। इस वजह से गेंदबाजों के पास नो बॉल फेंकने का कोई बहाना नहीं होना चाहिए।"
श्रीलंका सीरीज के बाद भारतीय टीम की अगली सीरीज अफगानिस्तान के खिलाफ है। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैच 13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा।
भारतीय टीम अफगान सीरीज में अपना दबदबा कायम रखने के लिए उतरेगी।
--आईएएनएस
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