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तेलंगाना में ज्यादा लंबाई वाले बस कंडक्टर को आरटीसी में दी गई वैकल्पिक भूमिका

हैदराबाद, 6 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम ने एक बस कंडक्टर की मदद के लिए आगे आकर उसे राहत दी है, जो अपनी असाधारण 6.5 फीट लंबाई (ऊंचाई) के कारण अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभा पा रहा था।
 
तेलंगाना में ज्यादा लंबाई वाले बस कंडक्टर को आरटीसी में दी गई वैकल्पिक भूमिका

हैदराबाद, 6 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम ने एक बस कंडक्टर की मदद के लिए आगे आकर उसे राहत दी है, जो अपनी असाधारण 6.5 फीट लंबाई (ऊंचाई) के कारण अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभा पा रहा था।

अमीन अहमद अंसारी हैदराबाद के मेहदीपट्टनम डिपो में तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम में बस कंडक्टर के रूप में कार्यरत थे।

हालांकि, 198 सेमी (6.5 फीट) लंबे अंसारी बस के अंदर कंडक्टर की ड्यूटी ठीक से नहीं निभा पा रहे थे क्योंकि बस की अधिकतम ऊंचाई केवल 6.4 फीट है।

सीमित जगह के कारण उन्हें लगातार झुककर काम करना पड़ता था, जिससे उन्हें गर्दन और पीठ में दर्द की समस्या होने लगी। बस में टिकट जारी करने और इधर-उधर चलने में भी उन्हें काफी कठिनाई होती थी।

रोजाना कम से कम पांच ट्रिप के साथ 10 घंटे की शिफ्ट उनके लिए उनकी असामान्य लंबाई के कारण काफी कठिन साबित हो रही थी। इस वजह से उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया था कि उन्हें कोई वैकल्पिक जिम्मेदारी दी जाए।

परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने अंसारी की स्थिति को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के संज्ञान में लाया और उन्हें परिवहन निगम में उपयुक्त वैकल्पिक ड्यूटी देने का सुझाव दिया।

उनके मामले पर विचार करते हुए निगम ने अंसारी को एक वर्ष के लिए पदनाम से अलग (आउट ऑफ डेजिग्नेशन) ड्यूटी प्रदान की थी। यह अवधि 28 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गई।

कर्मचारी द्वारा झेली जा रही कठिनाइयों को देखते हुए अब उन्हें निगम में वैकल्पिक पद पर सेवाएं देने की अनुमति दी गई है। राज्य के स्वामित्व वाले इस परिवहन निगम ने आदेश जारी किया है कि आवश्यकता के अनुसार अंसारी की सेवाएं निगम के किसी भी बस पास सेक्शन या राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में ली जा सकती हैं।

यह कदम अंसारी के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। उन्हें 2021 में अपने पिता की मौत के बाद संवेदनात्मक आधार पर नौकरी दी गई थी जो काचीगुड़ा डिपो में कंडक्टर थे।

परिवहन निगम द्वारा कर्मचारी की इस अनोखी समस्या को समझते हुए की गई मदद की सराहना हो रही है और कई लोग इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं।

--आईएएनएस

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