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तेजस्वी के 'खजाना खाली' वाले आरोप पर नीरज कुमार बोले- खजाना खाली नहीं, विपक्ष का दिमाग डायवर्ट

पटना, 13 जून (आईएएनएस)। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को बिहार और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा राज्य की वित्तीय स्थिति पर लगाए गए आरोपों, मसौढ़ी में पुलिस पर हुए हमले, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से जुड़े कथित उपहार विवाद, पश्चिम बंगाल की राजनीति में उभरते घटनाक्रम तथा कांग्रेस नेताओं की न्यायपालिका पर की गई टिप्पणियों को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
 
तेजस्वी के 'खजाना खाली' वाले आरोप पर नीरज कुमार बोले- खजाना खाली नहीं, विपक्ष का दिमाग डायवर्ट

पटना, 13 जून (आईएएनएस)। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को बिहार और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा राज्य की वित्तीय स्थिति पर लगाए गए आरोपों, मसौढ़ी में पुलिस पर हुए हमले, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से जुड़े कथित उपहार विवाद, पश्चिम बंगाल की राजनीति में उभरते घटनाक्रम तथा कांग्रेस नेताओं की न्यायपालिका पर की गई टिप्पणियों को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।

नीरज कुमार ने बिहार की वित्तीय स्थिति को लेकर तेजस्वी यादव द्वारा राज्य सरकार का खजाना खाली होने के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को पहले 400 रुपये की राशि मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 1100 रुपये करने का वादा सरकार ने किया था। इसी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए आकस्मिक निधि का उपयोग किया गया।

उन्होंने कहा कि आकस्मिक निधि का इस्तेमाल करना सरकार का अधिकार है और यह वित्तीय प्रबंधन का हिस्सा है। उन्होंने राजद शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने वह दौर भी देखा है जब 90 करोड़ रुपये के आवंटन के मुकाबले 190 करोड़ रुपये निकाले गए थे, जो बाद में चर्चित पशुपालन घोटाले के रूप में सामने आया।

नीरज कुमार ने कहा कि यदि उन्हें वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी लेनी है तो वे उन राज्यों की स्थिति भी देखें, जहां अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आवंटित निधियों का अन्य मदों में उपयोग किया गया। उन्होंने पंजाब, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां फंड डायवर्ट किए जाने के आरोप लगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब राजनीति में दिमाग ही डायवर्ट हो जाए तो वह खाली दिखाई देने लगता है।

पटना जिले के मसौढ़ी क्षेत्र में पुलिस पर हुए हमले की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू नेता ने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 48 घंटे के भीतर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यदि अपराधी अपराध करने के बाद पुलिस पर भी हमला करेंगे तो उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़े एक कथित उपहार विवाद को लेकर भी नीरज कुमार ने सवाल उठाए। उन्‍होंने कहा कि मैंने एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी की कॉपी इनकम टैक्स के चीफ कमिश्नर, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट के डायरेक्टर और बिहार के जॉइंट कमिश्नर को भी भेजी गई है।

उन्‍होंने बताया कि चिट्ठी में कहा गया है कि छोटू छलिया ने दावा किया था कि राबड़ी देवी ने उसे हीरे की चूड़ी दी थी। यह भी कहा गया है कि राबड़ी देवी उसके कान में कुछ कह रही थीं और अपने हाथों से उसे चूड़ी दे रही थीं, यह प्रमाणित है। यह हीरे का कंगन कहां से आया, किसने खरीदा,क्‍या इसका बिल है, जीएसटी का भुगतान किया गया। इसकी जांच होनी चाहिए। अगर इसका कोई दावेदार नहीं है, तो बेनामी लेन-देन अधिनियम 1988 के संशोधित अधिनियम के तहत जांच हो।

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के बागी सांसदों को लेकर उन्‍होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। जेडीयू नेता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद, ममता बनर्जी ने बयान दिया था कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे छोड़ सकते हैं। उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी राजनीति में एक अहम चेहरा बनकर उभर रहे हैं और उनके आस-पास एक अनौपचारिक गुट होने के दावे भी किए जा रहे हैं। ऐसे में लोकसभा स्‍पीकर के सामने उनको उपस्थित होना होगा। खबरों के मुताबिक उन्‍होंने अलग सीट की मांग की है, यह उनका विशेषाधिकार है। बागी विधायक-सांसद टीमसी और कांग्रेस के साथ नहीं रहना चाहते हैं।

राज्यसभा नामांकन विवाद और उससे जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया पर कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की टिप्पणी को लेकर भी नीरज कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय किसी याचिका को खारिज कर चुका है तो उसके फैसले पर सवाल उठाना न्यायपालिका की गरिमा को चुनौती देने जैसा है।

उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों की वैधता को स्वीकार करती है या नहीं। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव आयोग के निर्णयों पर सवाल उठाए गए और अब न्यायपालिका के फैसलों को भी राजनीतिक विवाद का विषय बनाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए चिंता का विषय है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी जनप्रतिनिधि को कानून का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना एक कानूनी प्रक्रिया है और यदि कानून का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित एजेंसियां और राज्य का गृह विभाग इसकी जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतिम तथ्य जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन कानून की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।

--आईएएनएस

एएसएच/पीएम