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तेज धूप और लू से बचाव: बढ़ती गर्मी में गर्भवती महिलाएं रखें खास ख्याल, इन बातों का बांध लें गांठ

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। मां बनना जिंदगी के सबसे खूबसूरत अहसासों में से एक है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान मां और आने वाले शिशु दोनों की सेहत का खास ध्यान रखना पड़ता है। खान-पान, मौसम और दिनचर्या में थोड़ी-सी लापरवाही भी जोखिम बढ़ा सकती है। खासकर इन दिनों जब देशभर में गर्मी तेज हो रही है और लू चल रही है, तब गर्भवती महिलाओं को और भी ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
 
तेज धूप और लू से बचाव: बढ़ती गर्मी में गर्भवती महिलाएं रखें खास ख्याल, इन बातों का बांध लें गांठ

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। मां बनना जिंदगी के सबसे खूबसूरत अहसासों में से एक है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान मां और आने वाले शिशु दोनों की सेहत का खास ध्यान रखना पड़ता है। खान-पान, मौसम और दिनचर्या में थोड़ी-सी लापरवाही भी जोखिम बढ़ा सकती है। खासकर इन दिनों जब देशभर में गर्मी तेज हो रही है और लू चल रही है, तब गर्भवती महिलाओं को और भी ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, गर्भावस्था में बढ़ते तापमान के कारण कई स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। तेज धूप, पसीना, डिहाइड्रेशन और थकान से मां और बच्चे दोनों प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए समुचित देखभाल, संतुलित आहार और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर इस मौसम को सुरक्षित तरीके से पार किया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी बचाव के उपाय पर नजर डालें तो-

हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें:- गर्मी में ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए। इससे शरीर को हवा लगती रहेगी और पसीना आसानी से सूख सकेगा।

पानी ज्यादा पिएं: - गर्भावस्था में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है। साथ ही नींबू पानी, नारियल पानी या छाछ जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ भी लें। ये शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी देते हैं।

दोपहर में बाहर निकलने से बचें: - दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच तेज धूप और लू का प्रकोप सबसे ज्यादा होता है। इस समय घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित है। अगर बाहर जाना बहुत जरूरी हो तो छाता, टोपी, चश्मा और स्कार्फ का इस्तेमाल जरूर करें।

स्वस्थ आहार लें:- ताजे फल, सब्जियां, दही और घर का बना हल्का भोजन खाएं। भारी, तला-भुना और मसालेदार भोजन से बचें।

लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें: - अगर चक्कर आना, तेज सिरदर्द, उल्टी, मतली, ज्यादा थकान या पेट में कोई असुविधा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्भवती महिला को आराम की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। परिवार के सदस्यों को भी उनकी देखभाल में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। नियमित जांच करवाना और डॉक्टर की सलाह मानना इस मौसम में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।गर्मी के इस मौसम में थोड़ी-सी सावधानी और सही देखभाल से मां और शिशु दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी