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तीरंदाज जैसी मुद्रा वाला है आकर्ण धनुरासन, पैरों से लेकर रीढ़ तक को बनाता है मजबूत

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्राचीन योग ग्रंथों में ऐसे कई सारे आसनों का वर्णन मिलता है, जो शरीर को हर तरह से निरोग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। योग के विभिन्न आसनों में आकर्ण धनुरासन है, जिसके नियमित अभ्यास से यह आसन पैरों, कंधों और कमर के लचीलेपन को बढ़ाता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।
 

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्राचीन योग ग्रंथों में ऐसे कई सारे आसनों का वर्णन मिलता है, जो शरीर को हर तरह से निरोग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। योग के विभिन्न आसनों में आकर्ण धनुरासन है, जिसके नियमित अभ्यास से यह आसन पैरों, कंधों और कमर के लचीलेपन को बढ़ाता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।

इसका नाम संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है—'आकर्ण', यानी कान तक, और 'धनुष', यानी धनुष। इस आसन में साधक बैठकर अपने पैर को हाथों से पकड़कर कान तक खींचता है, जिससे शरीर की मुद्रा ठीक धनुष पर चढ़े तीर जैसी लगती है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आकर्ण धनुरासन एक ऐसा आसन है, जो शरीर के कई हिस्सों को मजबूत और लचीला बनाता है। यह आसन धनुष और तीर की मुद्रा की तरह किया जाता है, जिसमें एक पैर को हाथ से पकड़कर कान के पास लाया जाता है। नियमित अभ्यास से इसके कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।

आकर्ण धनुरासन सबसे पहले जांघों, कूल्हों और हैमस्ट्रिंग (पीछे की जांघ की मांसपेशियों) को मजबूत और लचीला बनाता है। इस आसन में पैर को ऊपर उठाने और खींचने की क्रिया से इन हिस्सों में खिंचाव आता है, जिससे मांसपेशियों में लचीलापन और मजबूती आती है और दर्द की शिकायत कम होती है।

इस आसन का दूसरा बड़ा लाभ रीढ़ की हड्डी को मिलता है। रोजाना अभ्यास करने से रीढ़ में लचीलापन बढ़ता है और स्पाइनल कॉर्ड मजबूत बनता है। इससे पीठ दर्द, साइटिका और कमर की जकड़न जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।

हालांकि, आयुष मंत्रालय ने इस आसन को करने के दौरान सावधानियां बरतने की सलाह भी देता है। उनके अनुसार, इस आसन को हमेशा किसी योग्य योग शिक्षक या मार्गदर्शक की देखरेख में ही करना चाहिए। योगासन करने के दौरान पैर को कान तक खींचते समय जबरदस्ती न करें और शरीर पर अनावश्यक दबाव न डालें। यदि खिंचाव या दर्द महसूस हो, तो अभ्यास तुरंत रोक दें। गर्भावस्था के दौरान इस आसन को करने की सख्त मनाही होती है।

--आईएएनएस

एनएस/एएस