Aapka Rajasthan

'तीन तलाक पीड़िताओं को मिलेगा अपना आशियाना', उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का बड़ा ऐलान

देहरादून, 23 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने कहा कि बोर्ड कानूनी प्रावधानों के तहत तीन तलाक और हलाला से प्रभावित बेघर एवं बेसहारा महिलाओं को आवास उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। इस संबंध में प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में लाया जाएगा और वक्फ बोर्ड के पास उपलब्ध संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर कानूनी प्रावधानों की जांच की जाएगी।
 

देहरादून, 23 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने कहा कि बोर्ड कानूनी प्रावधानों के तहत तीन तलाक और हलाला से प्रभावित बेघर एवं बेसहारा महिलाओं को आवास उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। इस संबंध में प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में लाया जाएगा और वक्फ बोर्ड के पास उपलब्ध संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर कानूनी प्रावधानों की जांच की जाएगी।

शादाब शम्स ने कहा कि वक्फ की संपत्तियां गरीबों, यतीमों, विधवा महिलाओं, बेसहारा बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों के हक के लिए हैं। इन संपत्तियों पर वक्फ माफिया और कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने कब्जा कर रखा था। उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड की जमीनों को खाली कराने के लिए सरकार लगातार अभियान चला रही है। प्रदेस में तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसी महिलाओं को पति के घर से निकाले जाने के बाद कई बार मायके में भी रहने की जगह नहीं मिलती। पिता की मृत्यु या परिवार के पास सीमित जगह होने के कारण कुछ महिलाएं अपने बच्चों के साथ बेघर होने की स्थिति में पहुंच जाती हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं के दर्द को देखते हुए मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत के बाद वक्फ बोर्ड उनके लिए काम करने पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव के तहत तीन तलाक की पीड़िताओं, हलाला जैसी कुप्रथा से प्रभावित महिलाओं और ऐसी बेसहारा महिलाओं की मदद करने की बात है, जिन्हें परिवार या पति का सहारा नहीं मिला है और जिनके सिर पर छत नहीं है। वक्फ बोर्ड अपनी आगामी बैठक में प्रस्ताव लाकर यह तय करेगा कि जरूरतमंद महिलाओं की किस तरह मदद की जा सकती है। बोर्ड आवास बनाकर देने या अपनी उपलब्ध संपत्तियों में से जमीन देने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि उनका प्रयास वक्फ संपत्तियों का लाभ उन लोगों तक पहुंचाना है, जो वास्तव में इसके हकदार हैं। शम्स ने इसे गरीबों और बेसहारा लोगों तक वक्फ का लाभ पहुंचाने की कोशिश बताया।

यह फैसला कब तक लागू हो सकता है, इस सवाल पर शादाब शम्स ने कहा कि अगले महीने वक्फ बोर्ड की बैठक बुलाए जाने की उम्मीद है। इसी बैठक में तीन तलाक की पीड़ित महिलाओं के लिए वक्फ की संपत्तियों के इस्तेमाल से संबंधित प्रस्ताव पारित करने पर विचार किया जाएगा। किस कानूनी प्रक्रिया के तहत और किन शर्तों पर इन महिलाओं की मदद की जा सकती है, इसकी जांच की जाएगी। शादाब शम्स ने उम्मीद जताई कि अगली बोर्ड बैठक के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस परिस्थितियों में और किस तरीके से वक्फ बोर्ड इन महिलाओं की सहायता कर सकता है।

--आईएएनएस

पीएसके