टीम से बाहर रहने पर मैंने बहुत मेहनत की, मुझे साबित करना था कि मैं सबसे अच्छी खिलाड़ी हूं: शेफाली वर्मा
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टीम को चैंपियन बनाने में शेफाली वर्मा ने अहम किरदार निभाया। शेफाली ने कहा कि वनडे विश्व कप जीतने के बाद से महिला क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है। उन्होंने अपने उस मुश्किल समय को भी याद किया, जब वह टीम से बाहर चल रही थीं।
शेफाली ने जेएसडब्ल्यू द्वारा आयोजित की गई मीडिया राउंडटेबल में 'आईएएनएस' से बात करते हुए कहा, "मुझे याद है जब हमने वनडे विश्व कप की ट्रॉफी जीती थी तो हमने उसे उठाया था। उसके बाद से भारतीय महिला क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है। बीच में कई मुश्किलें भी आईं। हम कोशिश करेंगे कि आगे ऐसी मुश्किलें न आएं और देश का नाम रोशन करें।"
एशियन गेम्स को लेकर बात करते हुए शेफाली ने कहा, "एशियन गेम्स की बात करें तो जब हम जापान गए थे, तो हमने सोचा भी नहीं था कि वहां की सुविधाएं इतनी अच्छी होंगी। हालांकि, जापान ने जिस तरह से हमारा साथ दिया और हमें मैदान से जुड़ी सुविधाएं दीं, उसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है। भारतीय महिला क्रिकेट को लेकर गंभीरता देखना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। यह हमारे देश और हमारी टीम के लिए अच्छा करने की प्रेरणा भी देता है। इसी कारण मुझे लगता है कि यह तारीफ और प्रेरणा का पल है।"
शेफाली वर्मा ने उस समय को भी याद किया, जब वह भारतीय टीम से बाहर चल रही थीं। उन्होंने कहा, "जब मुझे टीम से बाहर किया गया, तो वह मेरे क्रिकेट करियर का सबसे दुखद पल था। वह समय मेरे लिए बहुत मुश्किल था। टीम से बाहर रहने के दौरान मैंने कितनी मेहनत की, यह सिर्फ मुझे ही पता है। सबसे अच्छी बात यह रही कि मैंने सब कुछ स्वीकार कर लिया। हां, मैं टीम में नहीं हूं, लेकिन मुझे कड़ी मेहनत करनी है और इस समय का सही इस्तेमाल करना है। मुझे यह साबित करना था कि मैं सबसे अच्छी हूं। मैं अपने देश और अपनी टीम के लिए सबसे अच्छी हूं।"
भारतीय सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा, "इसी कारण मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की। मैंने अपनी मानसिक सेहत, स्किल्स और फिटनेस पर काम किया। मुझे खुशी है कि उस समय मैंने सही फैसले लिए और खुद पर काम किया। मैंने खुद को किसी भी बुरी घटना या बातों का सामना नहीं करने दिया। मुझे लगता है कि आखिर में परिवार ही हमारे लिए सब कुछ है। जिस तरह से उन्होंने उस समय मेरा साथ दिया, उसके लिए उनका शुक्रिया। फिर जब हमने वनडे वर्ल्ड कप जीता, तो खुशी के आंसू आ गए।"
शेफाली ने कहा कि टीम के मेडल या ट्रॉफी जीतने पर वह भावुक हो जाती हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हम जो भी ट्रॉफी और मेडल जीतते हैं, तो मेरी आंखों के सामने मेरी सारी मेहनत सामने आ जाती है। मैं अपनी टीम के लिए बहुत अच्छा काम कर रही हूं। मैं अपनी टीम के लिए कड़ी मेहनत कर रही हूं और अपना पसीना बहाकर देश के लिए अपना सब कुछ दे रही हूं। मुझे लगता है कि एक खिलाड़ी के तौर पर इससे ज्यादा तारीफ वाला पल और कोई नहीं हो सकता।"
--आईएएनएस
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