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'टीम भारत' के सामूहिक प्रयास से संपन्न हुई नीट पुनर्परीक्षा: एनटीए

नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने रविवार को कहा कि नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं थी, बल्कि "टीम भारत" के सामूहिक प्रयास का उदाहरण थी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों, सुरक्षा एजेंसियों, विभिन्न मंत्रालयों, शैक्षणिक संस्थानों और लाखों अधिकारियों ने मिलकर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए निष्पक्ष और सुचारू परीक्षा सुनिश्चित की।
 
'टीम भारत' के सामूहिक प्रयास से संपन्न हुई नीट पुनर्परीक्षा: एनटीए

नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने रविवार को कहा कि नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं थी, बल्कि "टीम भारत" के सामूहिक प्रयास का उदाहरण थी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों, सुरक्षा एजेंसियों, विभिन्न मंत्रालयों, शैक्षणिक संस्थानों और लाखों अधिकारियों ने मिलकर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए निष्पक्ष और सुचारू परीक्षा सुनिश्चित की।

एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर एक विस्तृत पोस्ट में बताया कि 21 जून को देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा दी। परीक्षा का आयोजन हिंदी और अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में किया गया।

एनटीए ने कहा कि यह केवल एजेंसी का प्रयास नहीं था, बल्कि "टीम भारत" की ऐसी श्रृंखला थी, जिसमें देशभर के हजारों लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई ताकि परीक्षा के दिन प्रत्येक अभ्यर्थी का पूरा ध्यान केवल प्रश्नपत्र पर केंद्रित रहे।

एजेंसी के अनुसार, 10,000 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। इसके अलावा करीब 81 ऐसे छात्रों के लिए भी अलग इंतजाम किए गए, जो गंभीर चिकित्सीय परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। इनमें सड़क दुर्घटना में घायल एक छात्र और कीमोथेरेपी से गुजर रहा एक छात्र भी शामिल था। एनटीए ने कहा कि इन अभ्यर्थियों तक परीक्षा की सुविधा पहुंचाने के लिए विशेष स्तर की योजना और समन्वय की आवश्यकता पड़ी।

परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक एवं फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और राज्य पुलिस की मदद से दो-स्तरीय तलाशी व्यवस्था लागू की गई। सीसीटीवी निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एनटीए और शिक्षा मंत्रालय में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए। इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के 34 केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों, सभी राज्यों और जिला कलेक्टर कार्यालयों में भी निगरानी व्यवस्था बनाई गई।

एनटीए ने बताया कि परीक्षा संचालन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), विदेश मंत्रालय, डाक विभाग, भारतीय वायुसेना, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी), वित्तीय सेवा विभाग, रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय सहित कई संस्थानों ने सहयोग दिया। इसके साथ ही एसबीआई, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और यूको बैंक भी इस अभियान का हिस्सा रहे।

एजेंसी ने राज्य सरकारों की भूमिका की भी सराहना की। कई राज्यों ने परीक्षा केंद्रों पर छात्रों और अभिभावकों के लिए छाया, पेयजल और भोजन की व्यवस्था की। साथ ही एंबुलेंस और चिकित्सा सुविधाओं को स्टैंडबाय रखा गया तथा कई राज्यों में परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को निःशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

एनटीए के अनुसार, इस विशाल परीक्षा आयोजन के लिए देशभर में लगभग सात लाख अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, पर्यवेक्षकों और परीक्षा कर्मियों को तैनात किया गया। पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड 37 दिनों में पूरी की गई। एजेंसी ने उन शिक्षाविदों और विशेषज्ञों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपने निजी समय का उपयोग कर प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार करने में सहयोग दिया।

पोस्ट के अंत में एनटीए ने कहा कि 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए आयोजित इस परीक्षा के पीछे देश की प्रशासनिक, पुलिस, जिला और स्थानीय व्यवस्थाओं का अभूतपूर्व समन्वय था। एजेंसी ने परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि "निष्पक्ष अवसर, नई शुरुआत" के संकल्प के साथ यह परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

--आईएएनएस

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