Aapka Rajasthan

तथाकथित शिनच्यांग-संबंधी विधेयक में चीनी कंपनियों को शामिल करने पर चीनी वाणिज्य मंत्रालय की प्रतिक्रिया

बीजिंग, 1 अगस्त (आईएएनएस)। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक पत्रकार के उस प्रश्न के उत्तर में, जिसमें अमेरिका द्वारा चीनी कंपनियों को तथाकथित शिनच्यांग-संबंधी विधेयक की सूची में शामिल करने का जिक्र था, कहा कि चीन इस कदम की कड़ी निंदा करता है और इसका कड़ा विरोध करता है। चीन चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
 

बीजिंग, 1 अगस्त (आईएएनएस)। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक पत्रकार के उस प्रश्न के उत्तर में, जिसमें अमेरिका द्वारा चीनी कंपनियों को तथाकथित शिनच्यांग-संबंधी विधेयक की सूची में शामिल करने का जिक्र था, कहा कि चीन इस कदम की कड़ी निंदा करता है और इसका कड़ा विरोध करता है। चीन चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

एक पत्रकार ने पूछा: 31 जुलाई को, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने 'उइगुर जबरन श्रम निवारण अधिनियम' की सूची में 40 से अधिक चीनी कंपनियों को शामिल करने की घोषणा की। इस पर चीन की क्या प्रतिक्रिया है?

प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई पूरी तरह से निराधार है और वह घरेलू कानून के आधार पर तथाकथित 'मानवाधिकारों' और 'जबरन श्रम' की आड़ में चीनी कंपनियों पर मनमाने ढंग से एकतरफा प्रतिबंध लगाना जारी रखे हुए है। यह आर्थिक दबाव का एक स्पष्ट उदाहरण है। अमेरिका के इन कदमों से संबंधित कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और वैश्विक औद्योगिक एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता बुरी तरह प्रभावित हुई है।

प्रवक्ता ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि 30 जुलाई को चीन और अमेरिका के प्रमुख वार्ताकारों ने वीडियो कॉल के माध्यम से स्थिर आर्थिक एवं व्यापारिक संबंध बनाए रखने पर चर्चा की थी, जिसमें दोनों पक्षों ने खुलकर, गहन और रचनात्मक विचार-विमर्श किया था। इसके ठीक एक दिन बाद, अमेरिका ने ऐसे कड़े कदम उठाए जिनसे चीन के हितों को ठेस पहुंची और दोनों राष्ट्रपतियों द्वारा तय की गई सहमति गंभीर रूप से प्रभावित हुई।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/