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तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव व्यवस्था देखकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हुए हैरान: चुनाव आयोग

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण में हुई वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग ने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को प्रभावित किया।
 
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव व्यवस्था देखकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हुए हैरान: चुनाव आयोग

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण में हुई वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग ने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को प्रभावित किया।

चुनाव आयोग की ओर से बताया गया कि चुनाव आयोग के अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) 2026 के तहत, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (चरण 1) में हुए विधानसभा चुनावों ने विश्व भर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, क्योंकि 16 देशों के 32 प्रतिनिधि और 'इंटरनेशनल आईडीईए' भारत की चुनावी प्रक्रियाओं की विशालता, सटीकता और जीवंतता के प्रत्यक्ष गवाह बने।

चुनाव आयोग ने कहा कि इस अनुभव को 'लोकतंत्र का एक सच्चा उत्सव' बताते हुए प्रतिनिधियों ने मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी, चुनाव आयोग की बारीकी से बनाई गई योजना और चुनावों के निर्बाध संचालन की तारीफ की।

चुनाव आयोग की ओर से बताया गया कि तमिलनाडु के चेन्नई में एक मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया देखने के बाद मॉरीशस की उच्चायुक्त शीलाबाई बाप्पू ने कहा कि भारत पूरी दुनिया को ये अनुभव, प्रक्रियाएं और ज्ञान दे रहा है कि यह सब कैसे किया जाता है। यही तो लोकतंत्र है।

चुनाव आयोग ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की अपनी दो दिवसीय यात्रा (22-23 अप्रैल) की शुरुआत प्रेषण और वितरण केंद्रों का दौरा करके की, जहां उन्होंने सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स और सुस्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के माध्यम से चुनावी सामग्रियों के साथ-साथ मतदान दलों के सुव्यवस्थित आवागमन का अवलोकन किया।

फिलीपींस की मेनिसा ऐनी एम. टेलन ने बंगाल के सिलीगुड़ी का जिक्र कर कहा कि मैं प्रेषण (डिस्पैच) सेंटर पर थी और मैं यह देखकर हैरान रह गई कि वहां कितनी चहल-पहल थी। पोलिंग अधिकारियों को तीन-भागों वाली ईवीएम मशीनें मिल रही थीं। कंट्रोल यूनिट (सीयू), बैलेट यूनिट (बीयू), और वीवीपैट। यह एक शानदार अनुभव था। बहुत ही पारदर्शी और व्यवस्थित।

ईसीआई ने बताया कि प्रतिनिधियों ने तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दार्जिलिंग जिले के वरिष्ठ जिला निर्वाचन पदधारियों से भी बातचीत की। उन्हें चुनावों के समग्र संचालन और शांतिपूर्ण तथा सुचारू चुनाव सुनिश्चित करने के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में पूरी जानकारी दी गई।

इस बातचीत के दौरान, प्रतिनिधियों ने चुनावी व्यवस्थाओं की सराहना की और विशेष रूप से, बुजुर्ग मतदाताओं तथा दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान करने की सुविधा को एक बेहतरीन पहल बताया।

चुनाव आयोग ने बताया कि प्रतिनिधियों ने मतदान केंद्रों की 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की निगरानी के लिए स्थापित मीडिया/वेबकास्टिंग नियंत्रण कक्षों का भी दौरा किया, और इसे पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

इलेक्शन कमीशन की ओर से बताया गया कि मतदान के दिन सुबह, प्रतिनिधियों ने मॉक पोल का अवलोकन किया। इसके बाद, उन्होंने वास्तव में जारी मतदान प्रक्रिया को देखने के लिए चेन्नई (तमिलनाडु) और सिलीगुड़ी तथा कर्सियांग (पश्चिम बंगाल) में विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा किया।

ईसीआई ने बताया कि प्रतिनिधियों ने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध समावेशी, सहभागी और सुलभ सुविधाओं की सराहना की, जिनमें रैंप, व्हीलचेयर, स्वयंसेवक और शिशु-देखभाल की सुविधाएं शामिल थीं, तथा महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा संचालित विशेष मतदान केंद्रों की भी सराहना की। सिलीगुड़ी के एक मतदान केंद्र पर नेपाल के प्रतिनिधि यज्ञ प्रसाद भट्टराई ने कहा कि हमने मतदान केंद्रों का जायजा लिया। सभी मतदान केंद्रों का प्रबंधन बहुत अच्छा और बहुत बढ़िया है।

चुनाव आयोग ने बताया कि तमिलनाडु में, प्रतिनिधियों ने चेन्नई में आश्वस्त न्यूनतम सुविधाओं की व्यवस्था और सुव्यवस्थित, रंग-कोडित मतदान केंद्रों की सराहना की। चेन्नई के एक मतदान केंद्र को लेकर भूटान के प्रतिनिधि श्री शेरिंग समद्रुप ने कहा कि मैंने जो सबसे महत्वपूर्ण बात सीखी है, वह है आश्वस्त न्यूनतम सुविधाएं, जो भारत निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी अपने मतदाताओं को उपलब्ध करा रहे हैं। विशेष रूप से हेल्प डेस्क और कलर कोडिंग। पश्चिम बंगाल में, उन्होंने मतदान केंद्रों पर स्वास्थ्य-जांच सेवाओं की उपलब्धता की सराहना की, साथ ही हाल ही में की गई भारत निर्वाचन आयोग की पहलों की भी सराहना की, जैसे कि मोबाइल जमा करने की सुविधा, इन सबका उद्देश्य मतदाताओं को सुविधा प्रदान करना और उनके मतदान अनुभव को बेहतर बनाना है।

सिलीगुड़ी के एक मतदान केंद्र को लेकर बोलते हुए, केन्या के प्रतिनिधि रुथ खातिएवी कुलुंडु ने कहा कि मैं मोबाइल होल्डर पॉकेट को देखकर हैरान हूं, यहां मतदाताओं को अपने मोबाइल फोन के साथ मतदान केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं होती, बल्कि वे अपने फोन इन पॉकेट्स में जमा कर देते हैं और बाद में वापस ले लेते हैं और ऐसा वोट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि एक और चीज जो मुझे सचमुच बहुत पसंद आई, वह है बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए आराम करने की जगह, यह वाकई काबिलेतारीफ है।

चुनाव आयोग ने बताया कि मतदान का सुचारू संचालन और मतदाताओं की अत्यधिक भागीदारी ने दौरे पर आई टीमों पर गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने चुनाव प्रबंधन की विशालता और भव्यता को देखने का अवसर देने के लिए चुनाव आयोग के प्रति आभार व्यक्त किया और पारदर्शिता, समावेशिता तथा उत्कृष्टता के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता की सराहना की।

ईसीआई की ओर से बताया गया कि 8-9 अप्रैल को 22 देशों के 38 प्रतिनिधियों ने असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा किया था। इस प्रकार, आईईवीपी 2026 के तहत 38 देशों और अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के कुल 70 प्रतिनिधियों ने निर्वाचन हो रहे 5 राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों का दौरा किया। जहां एक ओर पूरी दुनिया सीखने के उ‌द्देश्य से भारत की ओर देख रही है, वहीं दूसरी ओर भारत ने चुनावों के संचालन में बेजोड़ मानक स्थापित करना जारी रखा है, यह वाकई लोकतंत्र का एक उत्सव है।

चुनाव आयोग ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) भारत निर्वाचन आयोग की एक प्रमुख पहल है, जिसका उ‌द्देश्य चुनाव प्रबंधन निकायों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भागीदारी को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम भारत के चुनावी ढांचे, संस्थागत तंत्रों और परिचालन संरचना का एक व्यापक अवलोकन प्रदान करता है। साथ ही यह कार्यक्रम प्रतिनिधियों को चुनाव प्रबंधन में अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और नवाचारों से भी परिचित कराता है।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी