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तमिलनाडु: एआईएडीएमके नेता ने सीएम जोसेफ विजय पर साधा निशाना, बोले- 'क्या तानाशाह हो गए हैं मुख्यमंत्री'

मदुरै, (आईएएनएस)। एआईएडीएमके नेता सेल्लुर के. राजू ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की आलोचना की। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पाबंदियों, कावेरी जल विवाद से निपटने के तरीके, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बारिश के कारण होने वाले जलभराव जैसे मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। साथ ही, उन्होंने सरकार पर प्रभावी शासन देने में विफल रहने का आरोप लगाया।
 

मदुरै, (आईएएनएस)। एआईएडीएमके नेता सेल्लुर के. राजू ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की आलोचना की। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पाबंदियों, कावेरी जल विवाद से निपटने के तरीके, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बारिश के कारण होने वाले जलभराव जैसे मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। साथ ही, उन्होंने सरकार पर प्रभावी शासन देने में विफल रहने का आरोप लगाया।

सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभाओं में सरकार के खिलाफ अपनी राय रखने से रोकने वाले सर्कुलर पर एआईएडीएमके नेता ने सवाल किया है कि क्या मुख्यमंत्री विजय ने सरकारी कर्मचारियों को अपनी राय व्यक्त करने से रोककर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने की कोशिश की है और वे एक तानाशाह की तरह व्यवहार करने लगे हैं?

उन्होंने कहा, "यह एक लोकतांत्रिक देश है। लेकिन, टीवीके सरकार, जो एक अस्थायी चुनावी जीत के जरिए सत्ता में आई है, अब एक ऐसी सरकार बन गई है जिसे कुछ नहीं पता। जब भी लोकतंत्र खतरे में होता है, तो वे दावा करते हैं कि वे ही रास्ता दिखाएंगे। वे नई चीजें लाने, विकास करने और सभी को आजादी देने का वादा करते हैं। खुद टीवीके नेता ने भी ऐसी ही बातें कही थीं। जब उन्होंने अपनी पार्टी शुरू की थी, तब उन्होंने दावा किया था कि द्रविड़ पार्टियों के शासन में तमिलनाडु बर्बाद हो गया है। लेकिन, उन्हें तो द्रविड़ पार्टियों के शासनकाल में हासिल की गई शानदार उपलब्धियों को आगे बढ़ाना चाहिए था और उन पर और काम करना चाहिए था।"

एआईएडीएमके नेता ने कहा कि छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकार ने कुछ भी नया नहीं किया है। सरकारी कर्मचारियों समेत समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "अब आग में घी डालने का काम करते हुए वे कह रहे हैं कि सरकारी कर्मचारियों को अपनी राय नहीं रखनी चाहिए। क्या मुख्यमंत्री विजय एक तानाशाह बन गए हैं जो लोगों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता छीनना चाहते हैं?"

सेल्लुर के. राजू ने कहा, "एक ऐसा मुख्यमंत्री जिसे कुछ नहीं पता, जो कावेरी का पानी दिलाने में भी नाकाम रहा है, वह बस 'रील' बनाने वाले मुख्यमंत्री और हीरो का किरदार निभाने वाले एक फिल्मी अभिनेता की तरह लाइमलाइट में बने रहना चाहता है।"

एआईएडीएमके नेता ने कहा, "वे रोडशो और रील्स के जरिए सत्ता में आए। लोग उन्हें तभी स्वीकार करेंगे जब वे वास्तव में सुशासन देंगे। अगर उन्हें लगता है कि वे सिर्फ रील्स के सहारे सरकार और पार्टी दोनों चला सकते हैं, तो जनता जल्द ही इस सरकार को करारा सबक सिखाएगी।"

तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और एआईएडीएमके नेता राजू ने मदुरै के स्कॉट रोड पर मरुथु पांडियार भाइयों की पुण्यतिथि के मौके पर उनकी मूर्तियों पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सेलुर राजू ने कहा, "मरुथु पांडियार भाइयों की पुण्यतिथि पर हम अपनी पार्टी को और मजबूत बनाने व इसे विकास की दिशा में आगे ले जाने का संकल्प लेते हैं।"

--आईएएनएस

डीसीएच/