तमिलनाडु में अवैध खनन पर कसा शिकंजा, खादानों के निरीक्षण के आदेश
चेन्नई, 22 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के प्राकृतिक संसाधन मंत्री डॉ. टीके प्रभु ने राज्य भर की खदानों का निरीक्षण कराने के आदेश दिए हैं। तमिलनाडु में भूविज्ञान एवं खनन विभाग द्वारा 2,000 से अधिक पत्थर की खदानों को संचालन की अनुमति दी गई है।
लगातार कई शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि इनमें से कई खदानों में सरकार द्वारा अनुमत मात्रा से अधिक पत्थर का खनन किया जा रहा है। इसी प्रकार, केंद्र सरकार के राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) ने खदानों से निकाले जा सकने वाले पत्थरों की मात्रा के संबंध में विभिन्न मानदंड निर्धारित किए हैं। आरोप यह भी सामने आया है कि कई स्थानों पर इन मानदंडों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके अलावा, यह भी शिकायतें उठाई गई हैं कि सुरक्षा खान प्राधिकरण के रूप में जानी जाने वाली निगरानी टीमें खदान संचालन की ठीक से निगरानी नहीं कर रही हैं।
इस स्थिति में, मंत्री ने भूविज्ञान एवं खनन विभाग के सभी जिलों के अधिकारियों को सभी खदानों का निरीक्षण करने और यह बताने के लिए तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है कि क्या सरकारी अनुमतियों के अनुसार पत्थरों का खनन किया जा रहा है और क्या खनन स्वीकृत सीमा से अधिक हुआ है।
इसके अलावा, कई खदानों के सरकारी अनुमति के बिना अवैध रूप से संचालित होने की शिकायतों के बाद, मंत्री ने अधिकारियों को सभी खदानों का निरीक्षण करने और यह पता लगाने के लिए विस्तृत जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया है कि क्या वे खदान नियमों का अनुपालन कर रही हैं या अवैध रूप से संचालित हो रही हैं।
निरीक्षणों के निष्कर्षों के आधार पर, सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए निर्धारित सीमा से अधिक पत्थर निकालने वाली खदानों को तत्काल बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
--आईएएनएस
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