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ताजमहल की सुरक्षा को लेकर बड़ी मॉक ड्रिल, आतंकी हमले की स्थिति से निपटने का हुआ अभ्यास

आगरा, 28 सितंबर (आईएएनएस)। दुनिया के सात अजूबों में शामिल आगरा के ताज महल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई एजेंसियों ने मिलकर एक बड़ी मॉक ड्रिल की। यह अभ्यास ताज महल के रिवरसाइड इलाके में किया गया, जहां हथियारों से लैस आतंकी हमले की स्थिति बनाकर सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखा गया।
 

आगरा, 28 सितंबर (आईएएनएस)। दुनिया के सात अजूबों में शामिल आगरा के ताज महल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई एजेंसियों ने मिलकर एक बड़ी मॉक ड्रिल की। यह अभ्यास ताज महल के रिवरसाइड इलाके में किया गया, जहां हथियारों से लैस आतंकी हमले की स्थिति बनाकर सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखा गया।

इस संबंध में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी गई। सीआईएसएफ ने लिखा, "आगरा के ताजमहल में सुरक्षा तैयारियों को मज़बूत करने के लिए कई एजेंसियों की मॉक ड्रिल की गई।"

सीआईएसएफ के मुताबिक इस मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ के साथ-साथ यूपी पुलिस, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) मैनेजमेंट, फायर सर्विस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीडीएस), डॉग स्क्वॉड, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) और मेडिकल टीम ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।

ड्रिल के दौरान दो आतंकवादियों द्वारा हथियारों से लैस हमले की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। हमले की सूचना मिलते ही तुरंत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू किए गए और सभी एजेंसियों ने मिलकर संयुक्त कार्रवाई की।

अभ्यास के दौरान सीआईएसएफ की क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) ने सबसे पहले खतरे को रोका और मोर्चा संभाला। इसके बाद असॉल्ट पार्टी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों आतंकवादियों को मार गिराया। इस दौरान यूपी पुलिस ने ताज महल के बाहरी इलाके की घेराबंदी कर रखी थी ताकि कोई संदिग्ध बाहर न भाग सके।

आतंकियों को मार गिराने के बाद सीआईएसएफ, यूपी पुलिस, बीडीडीएस और डॉग स्क्वॉड ने मिलकर पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई विस्फोटक या अन्य खतरा तो नहीं छिपा है।

सीआईएसएफ ने बताया कि यह पूरा अभ्यास आगरा में सीआईएसएफ यूनिट ताज महल के कमांडेंट ऋषि कौशिक की देखरेख में किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य ऑपरेशनल तैयारी, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के तरीकों की जांच करना था।

बता दें कि ताजमहल देश के सबसे संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी स्मारकों में से एक है। यहां हर दिन हजारों देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल करती रहती हैं ताकि किसी भी आतंकी खतरे या आपात स्थिति से निपटा जा सके।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम