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टी20 वर्ल्ड कप: गौतम गंभीर का 'मास्टर स्ट्रोक' बना टीम इंडिया के लिए वरदान

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। टीम इंडिया ने रिकॉर्ड तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के खिताब को अपने नाम किया। रविवार को नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराया। टूर्नामेंट में हेड कोच गौतम गंभीर का 'मास्टर स्ट्रोक' भारतीय टीम के लिए वरदान साबित हुआ।
 
टी20 वर्ल्ड कप: गौतम गंभीर का 'मास्टर स्ट्रोक' बना टीम इंडिया के लिए वरदान

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। टीम इंडिया ने रिकॉर्ड तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के खिताब को अपने नाम किया। रविवार को नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराया। टूर्नामेंट में हेड कोच गौतम गंभीर का 'मास्टर स्ट्रोक' भारतीय टीम के लिए वरदान साबित हुआ।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से पहले संजू सैमसन खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज में संजू को सिर्फ एक में पारी का आगाज करने का मौका मिला और उन्होंने 22 गेंदों में 37 रन बनाए। टी20 टीम में संजू की जगह नहीं बन रही थी और फॉर्म भी साथ नहीं दे रही थी। हालांकि, इसके बावजूद कोच गौतम गंभीर ने उन्हें टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी टीम में शामिल किया।

टी20 विश्व कप 2026 से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में संजू सैमसन का बल्ला खामोश रहा। 5 मुकाबलों में संजू कुल मिलाकर महज 46 रन ही बना सके। विश्व कप के शुरुआती मुकाबलों में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने पारी का आगाज किया। अभिषेक ग्रुप स्टेज के 3 मैचों में खाता तक नहीं खोल सके। अभिषेक-ईशान की सलामी जोड़ी विफल हो रही थी।

सुपर-8 राउंड में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में बदलाव होता है और संजू सैमसन को पहली बार टी20 विश्व कप 2026 में खेलने का मौका मिलता है। संजू 15 गेंदों में 24 रन बनाते हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज की इस पारी में वो आत्मविश्वास नजर आया, जिसकी जरूरत उन्हें और टीम दोनों को थी।

वेस्टइंडीज के खिलाफ कोच गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक बार फिर संजू सैमसन को बैक किया और उन्हें बतौर सलामी बल्लेबाज मैदान पर उतारा। 'करो या मरो' मुकाबले में खुद पर जताए गए भरोसे पर सैमसन इस बार पूरी तरह से खरे उतरे। एक तरफ से विकेट गिरने के बावजूद संजू एक छोर संभालकर खड़े रहे और उन्होंने 50 गेंदों में 97 रनों की लाजवाब पारी खेली। हालांकि, अभी काम अधूरा था।

सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ संजू सैमसन का बल्ला एक बार फिर चला और उन्होंने 42 गेंदों में 89 रनों की दमदार पारी खेली। सैमसन की इस इनिंग ने भारत को 253 रनों के टोटल तक पहुंचा दिया। संजू सैमसन ने लगातार दो दमदार पारियां खेलकर साबित कर दिया था कि क्यों कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा दिखाया।

हालांकि, सबसे बड़े मंच पर सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करना अभी बाकी था। संजू सैमसन ने मानो अपने करियर की सबसे बेस्ट पारी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले के लिए बचा रखी थी। फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ सैमसन ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 89 रनों की लाजवाब पारी खेली और खिताबी मुकाबले को पूरी तरह से एकतरफा कर दिया।

संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। हालांकि, संजू और भारतीय टीम की सफलता के पीछे कोच गंभीर का बड़ा हाथ रहा। गंभीर ने लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद संजू को बैक किया और उनका टी20 विश्व कप 2026 में एकदम सही समय पर इस्तेमाल किया, जिसका फायदा भारतीय टीम को भी मिला।

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी