नीशू आजाद मामला: वो पांच शर्तें, जिन पर स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला कोर्ट से मिली अंतरिम राहत
नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को नीशू आजाद मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि इस बात को ध्यान में रखा गया है कि आरोपी दस दिन से अधिक समय से कस्टडी में है और यह ऐसा समय था जिसमें उसे सोचने-समझने का पर्याप्त मौका मिला है। उसकी कस्टडी में पूछताछ पूरी हो चुकी है और इन अपराधों में ज्यादा से ज्यादा सात साल की सजा हो सकती है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उसकी मुख्य चिंता शिकायत करने वाले और उसकी नाबालिग बेटी की सुरक्षा को लेकर है। इसलिए आरोपी को कड़ी शर्तों पर तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा किया जा रहा है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत के दौरान आरोपी के व्यवहार को देखा जाएगा और उसके बाद ही उसकी रेगुलर जमानत की अर्जी पर विचार किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि 23 जून की घटना के बारे में जो भी फैसला होना है, वह कोर्ट में सबूतों के आधार पर होना चाहिए, न कि पब्लिक में या सोशल मीडिया के आधार पर।
पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को 50 हजार रुपए के पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की एक श्योरिटी के साथ तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी है।
अंतरिम जमानत देते हुए कोर्ट ने पांच कड़ी शर्तें लगाई हैं। पहली है कि आरोपी शिकायतकर्ता और उसके परिवार के बारे में कोई भी बयान, कमेंट, वीडियो, पॉडकास्ट, इंटरव्यू, रील या पोस्ट सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया या किसी दूसरे पब्लिक प्लेटफॉर्म पर नहीं बनाएगा, पब्लिश, पोस्ट, अपलोड या शेयर नहीं करेगा।
दूसरी शर्त है कि आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शिकायतकर्ता, उसकी नाबालिग बेटी, उसके परिवार के किसी सदस्य या अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह से टेलीफोन या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संपर्क नहीं करेगा।
तीसरी शर्त है कि आरोपी इस मामले से जुड़े किसी भी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या सोशल मीडिया सामग्री सहित किसी भी सबूत के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
चौथी शर्त है कि आरोपी को जब भी जांच अधिकारी द्वारा पूर्व सूचना पर बुलाया जाएगा, उसे जांच में शामिल होना होगा।
वहीं, पाचंवी शर्त है कि आरोपी को अपना दिल्ली का पता, अपना स्थायी पता और अपना मोबाइल नंबर जांच अधिकारी और कोर्ट को देना होगा। वह उस मोबाइल नंबर को चालू रखेगा और जांच अधिकारी को सूचित किए बिना नंबर नहीं बदलेगा।
कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को करेगी, जिसमें उसकी रेगुलर जमानत पर विचार किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने जांच एजेंसी को तेजी से जांच करने का निर्देश दिया है और कहा है कि 23 जून को जंतर-मंतर पर विशेष रूप से घटनास्थल पर या उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज एकत्र और संरक्षित किए जाएं।
--आईएएनएस
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