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सूर्यवंशी पर क्लूजनर का बड़ा बयान, 'भारत को मिल गया अगला सुपरस्टार'

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर लांस क्लूजनर का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में अगले दौर में आसानी से प्रवेश करने की क्षमता है। उन्होंने शुभमन गिल का समर्थन करते हुए कहा कि वे आने वाले कई सालों तक टीम का नेतृत्व कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भविष्य के संभावित सुपरस्टार के रूप में पहचाना है, जो विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद उनकी जगह ले सकते हैं।
 

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर लांस क्लूजनर का मानना ​​है कि भारतीय क्रिकेट में अगले दौर में आसानी से प्रवेश करने की क्षमता है। उन्होंने शुभमन गिल का समर्थन करते हुए कहा कि वे आने वाले कई सालों तक टीम का नेतृत्व कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भविष्य के संभावित सुपरस्टार के रूप में पहचाना है, जो विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद उनकी जगह ले सकते हैं।

क्लूजनर ने कहा कि कोहली और रोहित के कद को देखकर भारतीय क्रिकेट को अपनी अगली पीढ़ी को अपनाने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस खेल ने हमेशा ऐसे खिलाड़ी दिए हैं जो अपने पूर्ववर्तियों की विरासत को आगे बढ़ाने में सक्षम रहे हैं।

साउथ अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर, जो वर्तमान में अबू धाबी टी10 लीग में 'अरेबियन एसेस' के मुख्य कोच हैं, ने एक कार्यक्रम के दौरान 'आईएएनएस' से ​​कहा, "विराट और रोहित अतीत में जितने शानदार रहे हैं, एक न एक दिन उन्हें खेल से विदा लेनी ही होगी। लेकिन क्रिकेट की खूबी यही है कि यह चलता रहता है। कभी-कभी तो यह और भी मजबूत हो जाता है। जब हम खेलते थे, तो लोगों को कभी नहीं लगा था कि सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड कभी टूट पाएंगे। और अब लोग उन रिकॉर्ड्स को चुनौती दे रहे हैं। इसलिए, खिलाड़ी आते-जाते रहते हैं। यह एक दुखद दिन होता है जब आपके खेल और देश के दिग्गज खिलाड़ी संन्यास लेते हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि हमेशा युवा, अधिक फिट और तेज खिलाड़ी तैयार रहते हैं।"

पूर्व ऑलराउंडर ने गिल को बल्लेबाजी में एक 'असली सुपरस्टार' बताया और कहा कि इस युवा कप्तान के लिए अगली चुनौती एक लीडर के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को भारत के प्रमुख बल्लेबाज के रूप में अपनी भूमिका से अलग रखना होगा।

उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत रूप से, मुझे पूरा यकीन है। मुझे लगता है कि वह इस काम के लिए बिल्कुल सही व्यक्ति हैं। बल्लेबाजी में वह एक असली सुपरस्टार हैं। उनके लिए बस यह सीखना जरूरी है कि एक बल्लेबाज के रूप में शुभमन गिल और एक कप्तान के रूप में शुभमन गिल की भूमिकाओं को कैसे अलग रखा जाए। सभी बेहतरीन कप्तानों ने इन दोनों चीजों को अलग-अलग रखना सीखा है। मुझे यकीन है कि उन्हें ऐसा करने के लिए कई मौके मिलेंगे और कई लोग होंगे जो उनकी मदद करेंगे, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि बल्लेबाजी में वह बेहतरीन हैं। और कप्तानी की बात करें तो, अनुभवी कप्तानों को भी हमेशा कुछ न कुछ नया सीखना पड़ता है। उनके साथ भी ऐसा ही होगा। इसलिए, मैं उनके लिए बहुत उत्साहित हूं। मुझे लगता है कि वह एक सुपरस्टार हैं। उम्मीद है कि वह आने वाले कई सालों तक बहुत साहस और एक बड़े मकसद के साथ भारत के लिए खेलेंगे।"

गिल का एक लीडर के रूप में सामने आना ऐसे समय में हुआ है जब भारत कोहली और रोहित के बाद के दौर की तैयारी कर रहा है। इन दोनों खिलाड़ियों ने एक दशक से भी ज्यादा समय तक भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। भले ही उनके संन्यास लेने से एक बड़ी कमी महसूस होगी, लेकिन क्लूसनर का मानना ​​है कि इस बदलाव को खेल के एक स्वाभाविक हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के लिए किसी खतरे के रूप में।

उन्होंने सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय प्रतिभा की एक नई पीढ़ी पहले से ही सामने आ रही है। अफगानिस्तान के पूर्व हेड कोच ने कहा, "यह एक संतुलन की बात है। हर टीम अलग होती है। हर देश अपने खिलाड़ियों के संन्यास को अलग तरह से संभालता है, और हर सीजन में खिलाड़ी संन्यास लेते ही रहते हैं। भारत अभी अपने इन दो सितारों के मामले में इसी स्थिति का सामना कर रहा है। साउथ अफ्रीका ने भी अपने समय में ऐसे ही बड़े खिलाड़ियों के संन्यास का सामना किया है, लेकिन क्रिकेट चलता रहता है। सितारे आते-जाते रहते हैं, दिग्गज खिलाड़ी संन्यास ले लेते हैं, और लोगों को लगता है कि अब पहले जैसा कुछ नहीं रहेगा, लेकिन भारत को किसी और को देखने की जरूरत नहीं है, सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी को ही देख लें। यही अगला सुपरस्टार है।"

क्लूसनर का मानना ​​है कि गिल को अपनी दोनों जिम्मेदारियों को अलग-अलग संभालना चाहिए। इस युवा कप्तान को अपना खुद का अंदाज विकसित करने के लिए समय और समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कप्तानी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अनुभवी खिलाड़ियों को भी हमेशा कुछ न कुछ नया सीखना पड़ता है। इसलिए, गिल को अपने आसपास मौजूद सीनियर खिलाड़ियों से मार्गदर्शन लेना चाहिए और धीरे-धीरे भारतीय क्रिकेट के अगले दौर की कमान अपने हाथों में लेनी चाहिए।

--आईएएनएस

आरएसजी/डीकेपी