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सुरेश कलमाड़ी: राजनीति और खेल प्रशासन के दिग्गज कॉमनवेल्थ गेम्स की वजह से विवादों में रहे

पुणे, 6 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार की सुबह पुणे स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 82 साल के थे। कांग्रेस पार्टी के प्रभावशाली नेता रहे सुरेश कलमाड़ी खेल प्रशासन में भी बड़ा नाम रहे। 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित हुआ था। आयोजन समिति के अध्यक्ष के रूप में खेल के आयोजन में सुरेश कलमाड़ी की अहम भूमिका रही थी।
 
सुरेश कलमाड़ी: राजनीति और खेल प्रशासन के दिग्गज कॉमनवेल्थ गेम्स की वजह से विवादों में रहे

पुणे, 6 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार की सुबह पुणे स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 82 साल के थे। कांग्रेस पार्टी के प्रभावशाली नेता रहे सुरेश कलमाड़ी खेल प्रशासन में भी बड़ा नाम रहे। 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित हुआ था। आयोजन समिति के अध्यक्ष के रूप में खेल के आयोजन में सुरेश कलमाड़ी की अहम भूमिका रही थी।

1996 से 2011 तक भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रहे सुरेश कलमाड़ी ने दिल्ली में 3 से 14 अक्टूबर 2010 तक कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन सफलतापूर्वक कराया था। कॉमनवेल्थ गेम्स की वजह से दिल्ली में हुए विकास कार्यों ने दिल्ली का स्वरूप ही बदल दिया, लेकिन इस वैश्विक खेल आयोजन पर घोटाले के आरोप लगे। कॉमनवेल्थ गेम्स के मुख्य स्थल जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास नवनिर्मित पैदल यात्री पुल के ढहने की खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रही थी। आयोजन में वित्तिय अनियमितता के आरोप लगे। सुरेश कलमाड़ी को न्यायिक प्रकिया का सामना करना पड़ा था। सीबीआई ने उनके घर पर छापा मारा था। 2022 में सुरेश कलमाड़ी को इस मामले में गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। लंबी कानूनी प्रकिया के बाद सबूतों के अभाव में अप्रैल 2025 में उन्हें राउज अवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

घोटाले के दाग ने सुरेश कलमाड़ी की राजनीति पर ब्रेक लगा दिया था। वे 1982 से 2004 तक राज्यसभा और 2004 से 2014 तक लोकसभा के सदस्य रहे थे।

राजनीति और खेल प्रशासन में आने से पहले कलमाड़ी ने 1960 के दशक की शुरुआत में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में दाखिला लिया और फिर भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में भर्ती हुए। उन्होंने छह साल तक वायु सेना में सेवाएं दीं और फिर 1974 तक दो साल तक एनडीए में ट्रेनर रहे। उन्होंने 1965 और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ जंग में भाग लिया। संजय गांधी उन्हें राजनीति में लेकर आए थे।

सुरेश कलमाड़ी केंद्र की राजनीति में महाराष्ट्र से आने वाले बड़े नाम थे। वे रेल राज्य मंत्री रहे थे। वे लोकसभा में पुणे का प्रतिनिधित्व करते थे। पुणे के विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में उनकी अहम भूमिका रही थी।

--आईएएनएस

पीएके