पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी के पिता को 20 करोड़ का मिला ठेका, किरोड़ीलाल मीणा ने सीएम को लिखा पत्र
जयपुर, 20 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी सुरेश ढाका को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश ढाका पेपर लीक नेटवर्क का सबसे अहम किरदार है। ऐसे में उसके पिता को 20 करोड़ रुपये का सरकारी ठेका मिलना जांच का विषय है।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि यदि सुरेश ढाका पकड़ा गया तो कई बड़े नेताओं के नाम सामने आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर फरार होने का मौका दिया गया।
उन्होंने कहा, "सुरेश ढाका पेपर लीक का आधार स्तंभ है। अगर वह गिरफ्तार होता है तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। उसकी संपत्तियां अटैच होने के बावजूद उसके पिता को 20 करोड़ रुपये का सरकारी ठेका मिल गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि अब इस मामले में कार्रवाई हुई है।"
कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय के एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के जांच अधिकारियों के संरक्षण के कारण ही सुरेश ढाका फरार रहा। उन्होंने कहा कि जब तक उस पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उसके सरेंडर करने की संभावना भी नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में इसी मुद्दे को उठाते हुए ठेका मिलने की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
इस दौरान संसद के मानसून सत्र पर भी डॉ. मीणा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें 'वन नेशन-वन इलेक्शन' और परिसीमन (डिलिमिटेशन) जैसे अहम विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है।
उन्होंने कहा, "ये दोनों विषय राष्ट्रहित से जुड़े हैं। बार-बार चुनाव होने से सरकार का काफी समय और संसाधन खर्च होते हैं। अगर 'वन नेशन-वन इलेक्शन' लागू होता है तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। वहीं, परिसीमन का काम भी काफी समय से लंबित है और इसे पूरा किया जाना चाहिए।"
विपक्ष के रुख पर टिप्पणी करते हुए डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार का विरोध करना होता है। उन्होंने कहा, "विपक्ष अच्छे काम का भी विरोध करता है और जहां कोई कमी होती है, वहां भी सवाल उठाता है। यह लोकतंत्र का हिस्सा है। 'वन नेशन-वन इलेक्शन' और परिसीमन जैसे मुद्दे व्यापक राष्ट्रहित और जनहित से जुड़े हैं, इसलिए इन पर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।"
--आईएएनएस
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