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सूरत: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 1.15 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त

गांधीनगर, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूरत सब-जोनल ऑफिस ने सोमवार को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएमए), 2002' के तहत वालिया शिबाभाई जुंजाभाई उर्फ भूपतभाई और अन्य के मामले में गुजरात के महुआ और तलाजा (भावनगर जिला), ओढव और साबरमती (अहमदाबाद) और पुणे (महाराष्ट्र) के हडपसर में स्थित 15 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया। इन संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 1.15 करोड़ रुपए है।
 

गांधीनगर, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूरत सब-जोनल ऑफिस ने सोमवार को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएमए), 2002' के तहत वालिया शिबाभाई जुंजाभाई उर्फ ​​भूपतभाई और अन्य के मामले में गुजरात के महुआ और तलाजा (भावनगर जिला), ओढव और साबरमती (अहमदाबाद) और पुणे (महाराष्ट्र) के हडपसर में स्थित 15 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया। इन संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 1.15 करोड़ रुपए है।

ईडी की जांच एसीबी पुलिस स्टेशन, भावनगर द्वारा दर्ज एफआईआर और विशेष (एसीबी) कोर्ट, भावनगर में दायर चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई थी। यह मामला 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988' की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत गुजरात लैंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जीएलडीसी), भरूच के तत्कालीन फील्ड असिस्टेंट वालिया शिबाभाई ज़ुंज़ाभाई उर्फ ​​भूपतभाई के खिलाफ था।

जांच में यह पता चला कि एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते वालिया शिबाभाई जुंजाभाई ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज्यादा संपत्ति (1,15,18,350 रुपए) हासिल की थी। इसी के अनुसार, कुल 1,14,98,600 रुपए की कीमत वाली 15 अचल संपत्तियों को पीएमएलए, 2002 की धारा 5(1) के तहत सोमवार को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।

ईडी की ओर से की कई कार्रवाई का एक दूसरा मामला बुधवार को आंध्र प्रदेश से सामने आया, जहां विशाखापत्तनम की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में दमालापति वेणु गोपाल नायडू को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। नायडू आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम डिवीजन के अमादलावलसा एचपीओ के अंतर्गत आने वाले कोत्तुरु सब पोस्ट ऑफिस में पूर्व सब पोस्ट मास्टर (लोअर सिलेक्शन ग्रेड) थे।

सीबीआई ने उन्हें पांच वर्ष की जेल और 7,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। सीबीआई ने कोत्तुरु, श्रीकाकुलम डिवीजन के सब-पोस्टमास्टर, आरोपी डी. वेणु गोपाल नायडू के खिलाफ 6 मार्च 2020 को यह मामला दर्ज किया था।

आरोप था कि 21 फरवरी 2019 से 24 अगस्त 2019 के दौरान आरोपी सब पोस्ट मास्टर डी. वेणु गोपाल नायडू ने बेईमानी और धोखाधड़ी से अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सरकारी फंड से 47,95,000 रुपए निकाले और उनका गबन किया।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी