सूरत में ई-रक्षक हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले, युवाओं के साइबर सॉल्यूशन का होगा पुलिसिंग में इस्तेमाल
सूरत, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ई-रक्षक हैकाथॉन के ग्रैंड फिनाले में शिरकत की। इसका आयोजन सूरत सिटी पुलिस और सरदार वल्लभभाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसवीएनआईटी) की नेक्सस यूनिट की ओर से किया गया।
हर्ष संघवी ने हैकाथॉन में हिस्सा लेने वाले 6 राज्यों की 13 से ज्यादा यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेजों की 31 टीमों द्वारा साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल चैलेंज का समाधान करने के लिए तैयार किए गए प्रोटोटाइप मॉडल देखे।
डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने देशभर से एसवीएनआईटी में आए 150 से ज्यादा युवा 'प्रॉब्लम सॉल्वर', टेक्निकल एक्सपर्ट छात्रों का स्वागत किया और कहा कि टेक्नोलॉजी जितनी काम की है, उतनी ही चुनौती और समस्या भी खड़ी करती है। जैसे बड़ी कंपनियां अक्सर हार्डवेयर और कैमरा मॉडल बदलती रहती हैं, ताकि सरकारी सिस्टम पर बोझ न पड़े, हम प्रधानमंत्री के विजन के मुताबिक हैकाथॉन के जरिए युवा टैलेंट को बढ़ावा देकर सॉफ्टवेयर-बेस्ड सॉल्यूशन लाने की तरफ बढ़ रहे हैं।
संघवी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कैमरा इंटीग्रेशन ट्रैफिक सिग्नल पर लोगों के सिर्फ 15 सेकेंड बचाकर लाखों लोगों का कीमती समय और फ्यूल बचाने में बहुत असरदार होगा। उन्होंने कहा कि उनका सपना पूरे गुजरात के सभी सीसीटीवी कैमरों को एक ही डैशबोर्ड से जोड़ना है।
युवाओं से सोशल मीडिया और रोजाना की चर्चाओं से आगे बढ़कर सरकारी योजनाओं की पढ़ाई करने की अपील करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के स्टार्टअप वेंचर्स के लिए ऑफिस रेंट, फाइनेंशियल मदद और ओपीईएक्स सपोर्ट के लिए खास प्रावधान किए हैं। इसमें राज्य सरकार की इंडस्ट्रियल और स्टार्टअप पॉलिसी, एमएसएमई और साइंस एंड टेक्नोलॉजी योजनाओं के तहत स्टार्टअप इंडिया के तहत मदद, सीड फंड स्कीम, रोजाना के खर्च या मार्केटिंग, ऑपरेटिंग खर्च, सैलरी, ऑफिस रेंट, मार्केटिंग और क्लाउड सब्सक्रिप्शन, और खासकर महिलाओं के लिए मदद शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के आइडिया को जमीन पर उतारने के लिए 'रिस्क पार्टनर' के तौर पर उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के इन टेक सॉल्यूशन का इस्तेमाल आने वाले दिनों में एफआईआर और साइबर क्राइम को सुलझाने की सरकारी प्रक्रिया में किया जाएगा। उन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के साइबर क्राइम रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए सूरत साइबर क्राइम टीम की तारीफ की।
पुलिस कमिश्नर वबांग जमीर ने कहा कि ई-रक्षक हैकाथॉन एक साइबर सिक्योरिटी और इनोवेशन हैकाथॉन है जिसे सूरत सिटी पुलिस, एसवीएनआईटी की नेक्सेस यूनिट ने मिलकर ऑर्गनाइज किया है। इस हैकाथॉन का मुख्य मकसद कॉलेज स्टूडेंट्स से डिजिटल सिक्योरिटी और साइबर क्राइम को रोकने के लिए नए टेक्नोलॉजिकल सॉल्यूशन लेना है। इसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने शामिल होकर अपना टैलेंट दिखाया है।
डीसीपी (साइबर क्राइम) विशाखा जैन ने कहा कि पुलिस थानों में डायरेक्ट सर्वे करके, आम लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली मुश्किलों और पुलिस के काम की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस हैकाथॉन के 9 से 10 प्रॉब्लम स्टेटमेंट तय किए गए। देशभर के कॉलेजों से 458 छात्रों ने साइबर स्मार्ट और काबिल पुलिसिंग के लिए रजिस्टर किया था, जिसमें से 31 टीमों के 150 छात्र शनिवार को सूरत ग्रैंड फिनाले में हिस्सा ले रहे हैं।
इस मौके पर रेंज आईजी प्रेमवीर सिंह, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर तेजस परमार, म्युनिसिपल कमिश्नर राजकुमार बेनीवाल, एडिशनल पुलिस कमिश्नर (सेक्टर-1) बलराम मीणा, एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम) डॉ. करणराज वाघेला, महिसागर एसपी शफीन हसन, डीसीपी विशाखा जैन, एसवीएन आईटी डायरेक्टर प्रो. अनुपम शुक्ला, सीनियर पुलिस ऑफिसर और बड़ी संख्या में युवा छात्र मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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