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सूरजपुर कोर्ट में फर्जी वकील बनकर लोगों से ठगी करने वाला गिरफ्तार, नकली नोटरी मुहर और फर्जी दस्तावेज बरामद

ग्रेटर नोएडा, 5 अगस्त (आईएएनएस)। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट की सूरजपुर थाना पुलिस ने फर्जी तरीके से अधिवक्ता बनकर लोगों से धन उगाही करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी अधिवक्ता की नोटरी मोहर, फर्जी दस्तावेज और कोर्ट संबंधी कई प्रपत्र बरामद किए हैं।
 

ग्रेटर नोएडा, 5 अगस्त (आईएएनएस)। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट की सूरजपुर थाना पुलिस ने फर्जी तरीके से अधिवक्ता बनकर लोगों से धन उगाही करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी अधिवक्ता की नोटरी मोहर, फर्जी दस्तावेज और कोर्ट संबंधी कई प्रपत्र बरामद किए हैं।

पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से स्वयं को अधिवक्ता बताकर भोले-भाले लोगों को गुमराह कर रहा था और जमानत कराने तथा न्यायालय में मुकदमा लड़ने के नाम पर अवैध रूप से धन वसूल रहा था। पुलिस के अनुसार 3 अगस्त 2026 को थाना सूरजपुर पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की सहायता से कार्रवाई करते हुए आरोपी वीर सिंह सिसौदिया पुत्र ओमवीर सिंह को सूरजपुर कोर्ट के गेट नंबर-2 के पास से गिरफ्तार किया।

आरोपी मूल रूप से ग्राम ऊंचा अमीपुर, थाना जारचा, जनपद गौतमबुद्ध नगर का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई गई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह खुद को सूरजपुर कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में प्रस्तुत करता था। इसके बाद वह न्यायालय में आने वाले लोगों से संपर्क कर उन्हें जमानत दिलाने, मुकदमे की पैरवी करने और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा देता था। विश्वास जीतने के बाद वह फर्जी एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करता और उन पर नकली अधिवक्ता तथा नोटरी की मोहर लगाकर उन्हें वैध दस्तावेज बताकर इस्तेमाल करता था।

इस पूरी प्रक्रिया के जरिए वह लोगों से मोटी रकम वसूल कर अवैध कमाई कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कोर्ट संबंधी पांच फाइल एवं प्रपत्र, तीन फर्जी अधिवक्ता/नोटरी की मोहर तथा अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद दस्तावेजों और मोहरों को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी कब से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था और अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2017 में थाना जारचा में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 435 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं, वर्ष 2026 में थाना सूरजपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत भी उसके खिलाफ मामला पंजीकृत है।

सूरजपुर थाने की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अधिवक्ता मानने से पहले उसकी पहचान और वैध पंजीकरण की पुष्टि अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि इस तरह के फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी