मजदूरों की हत्या पर विपक्ष के नेता सुनील शर्मा बोले, 'सुरक्षा बलों को फिर से जागने की जरूरत'
श्रीनगर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कुलगाम में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की हत्या कर दी गई। 31 जुलाई को आतंकवादियों ने एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना को लेकर तमाम नेताओं की टिप्पणियां आ रही हैं। जम्मू- कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और कहा कि सुरक्षा बलों को एक बार फिर से जागने की जरूरत है।
आईएएनएस से बातचीत में सुनील शर्मा ने कहा कि कुलगाम के किल्लम में दो मजदूरों की उनके परिवार के सामने निर्मम हत्या कर दी गई। यह दुखद है। मैं खुद वहां पहुंचा था और यह बहुत अफसोसनाक है। किसी भी समाज में इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता है। यह इंसानियत की हत्या है। मानवता को तार-तार किया गया है। बदकिस्मती ये है कि ये लोग इसे जिहाद कहते हैं।
उन्होंने कहा कि निर्दोष, निहत्थे, मासूम मजदूर पर गोली चलाना जिहाद है? पाकिस्तान प्रायोजित उस तत्व का जिहाद है, जो पाकिस्तानी सोच को जगह देता है। सुरक्षा बलों को एक बार फिर से जागने की आवश्यकता है। जांच एजेंसियों को फिर से सक्रिय होने जरूरत है और इनके इकोसिस्टम को ध्वस्त करने की जरूरत है।
उन्होंने आगे कहा कि मैंने पीड़ित परिवार वालों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से बातचीत करवाई है। उन्होंने सहायता का आश्वासन दिया है, यहां की सरकार भी मदद कर रही है लेकिन एक इंसान की जिंदगी अनमोल होती है, उसकी जान की कोई कीमत नहीं होती है। परिवार को दोबारा खड़ा करना इस समय की आवश्यकता है।
इसी हत्याकांड को लेकर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जब-जब पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग होती है, तब-तब इस तरह की घटनाएं होती हैं। इस पर जम्मू और कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि वह कहना क्या चाहते हैं? वह पहले आतंकी तत्व, सिस्टम को सपोर्ट करते हैं, जिन पर शिकंजा कसा जाता है। राज्य के दर्जे और आतंकवाद को वह कैसे जोड़ रहे हैं?
उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा तो संसद देने वाली है। आतंकवाद पाकिस्तान से प्रायोजित है। दोनों का आपस में क्या कनेक्शन है? जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद एक प्रॉक्सी वॉर की तरह चल रहा है। इस प्रकार का बयान देकर वह इस तरह घटनाओं का बचाव करने आते हैं, ये हमारे राज्य की बदकिस्मती है।
इस घटना को लेकर पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती द्वारा सवाल उठाए जाने पर सुनील शर्मा ने कहा कि ये दोनों परिवार सवाल खड़ा करके सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने का काम करते हैं और इस तरह की घटना को अंजाम देने वालों को बढ़ावा देते हैं। इन दोनों परिवारों को अपने बयानों से बाज आना चाहिए। परिवार के साथ खड़े होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि ये सुरक्षाबलों की लापरवाही नहीं है क्योंकि इस घटना को अचानक अंजाम दिया गया है। ऐसे में सुरक्षा बलों पर सवाल खड़े करके, इस घटना को अंजाम देने वालों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
--आईएएनएस
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