सुदिव्य सोनू का निधन झारखंड सरकार के लिए बड़ी क्षति, कभी पूरी नहीं होगी कमी: इरफान अंसारी
गिरिडीह, 6 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड सरकार में मंत्री और गिरिडीह सदर के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का 54 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। उनके असमय निधन से पूरे झारखंड की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
उनके निधन पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "उनका निधन न केवल गिरिडीह के लिए, बल्कि पूरी झारखंड सरकार और राज्य की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने गिरिडीह में बहुत सम्मान और प्यार कमाया था। बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद, वे लोगों से गहराई से जुड़े रहे और उनके लिए काम करते रहे।"
वहीं गढ़वा में जेएमएम के केंद्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भी उनके निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा, "पूरे राज्य को गहरा सदमा लगा है और एक बड़ी क्षति हुई है। हमने एक ऐसे व्यक्ति को खो दिया है जिन्होंने खुद को लोगों की सेवा और राज्य के विकास व दिशा तय करने में समर्पित कर दिया था। उनके असमय निधन से एक ऐसी कमी पैदा हुई है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। उनके परिवार पर जो दुख और पीड़ा गुज़र रही है, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। हालांकि मृत्यु जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन इतनी कम उम्र में उनका जाना बेहद दुखद है।"
गिरिडीह में जेएमएम विधायक चुन्ना सिंह ने अपने साथी को याद करते हुए कहा, "यह एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। सुदिव्य का जाना न केवल झारखंड के लिए, बल्कि पूरी गठबंधन सरकार और उससे जुड़े सभी लोगों के लिए एक बड़ा नुकसान है। वे बहुत मिलनसार, हरफनमौला और विनम्र स्वभाव के थे। उन्होंने कभी किसी को असहज महसूस नहीं होने दिया। उनके बात करने का खुशमिजाज अंदाज और अपनी बात रखने का तरीका बहुत पसंद किया जाता था। उनके सौम्य और सम्मानजनक स्वभाव के लिए पूरा सदन अक्सर उनकी तारीफ करता था।"
विपक्ष ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। रांची में भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने कहा, "जब मैंने पहली बार मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन की खबर सुनी, तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। मुझे लगा कि सुबह-सुबह कोई मजाक कर रहा है। लेकिन जब मैं उठा और देखा कि सोशल मीडिया पर यह खबर बड़े पैमाने पर शेयर की जा रही है, तो मुझे एहसास हुआ कि यह सच है। मुझे बहुत दुख और पीड़ा हुई। मेरी नजर में, सुदिव्य सोनू एक अच्छे और अच्छे स्वभाव वाले व्यक्ति थे।"
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, "झारखंड से बहुत चौंकाने वाली खबर आ रही है। मंत्री सुदिव्य सोनू अब हमारे बीच नहीं रहे। वे कैबिनेट में दूसरे नंबर पर थे और उच्च शिक्षा, पर्यटन और शहरी विकास समेत चार अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हमारी उनसे बहुत सार्थक चर्चाएं होती थीं। हालांकि मैं भाजपा से था और वे जेएमएम से थे और हमारी विचारधाराएं अलग थीं, फिर भी हम एक-दूसरे का सम्मान करते थे और झारखंड को बेहतर बनाने के लिए अच्छे विचारों पर चर्चा करते थे। वे हमेशा इसे लेकर बहुत चिंतित रहते थे।"
--आईएएनएस
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