'सुधार की जरूरत वाले हर पहलू पर काम किया', भारतीय हॉकी टीम में हुई वापसी को लेकर बोले कृष्ण पाठक
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने कहा कि सीनियर नेशनल टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने उन कमियों पर काम किया है जिनमें सुधार की जरूरत थी। अब उनका पूरा ध्यान एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में अपनी वापसी का भरपूर फायदा उठाने पर है।
29 वर्षीय पाठक को इस टूर्नामेंट के लिए भारत की 18 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में आयोजित होगा। वह मोहित एचएस की जगह लेंगे और 9 महीने से भी अधिक समय बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करेंगे। उन्होंने आखिरी बार दिसंबर 2025 में साउथ अफ्रीका दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
156 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके पाठक ने सीनियर टीम से दूर रहने के दौरान बेंगलुरु में भारत की 'डेवलपमेंट स्क्वॉड' (विकास टीम) के साथ ट्रेनिंग की। एशियन गेम्स से पहले, वह नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए एफआईएच वर्ल्ड कप के दौरान भी नेशनल टीम के साथ एक 'नॉन-प्लेइंग' (बिना खेलने वाले) सदस्य के रूप में गए थे।
पाठक ने कहा, "कोच ने मुझे जिन पहलुओं में सुधार करने के लिए कहा था, मैं बेंगलुरु में डेवलपमेंट टीम के साथ रहते हुए उन्हीं पर काम कर रहा था। मुझे लगता है कि मैंने ऐसा कर लिया है और अब मेरा पूरा ध्यान एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में मिले इस मौके पर है।" गोलकीपर ने बताया कि रेगुलर टीम ट्रेनिंग और मैचों के अलावा, उन्होंने अपने खेल के उन हिस्सों पर काम करने के लिए अलग से अतिरिक्त ट्रेनिंग सेशन भी किए, जिन पर ध्यान देने की जरूरत थी।
उन्होंने आगे कहा, "हमने (डेवलपमेंट टीम ने) बेंगलुरु में कर्नाटक की सीनियर नेशनल टीम के खिलाफ मैच खेले। हालांकि, मैचों और टीम ट्रेनिंग के अलावा, हमने अतिरिक्त गोलकीपिंग सेशन भी किए, ताकि मैं उन चीजों पर काम करना जारी रख सकूं जिनमें मुझे सुधार करने के लिए कहा गया था।"
पाठक की यह वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें अपने गृह राज्य पंजाब में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल रहा है। लीग-स्टेज के मैच जालंधर में खेले जाएंगे, जहां का 'ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम' इस गोलकीपर के लिए बहुत खास है। इसी स्टेडियम में 'सुरजीत हॉकी एकेडमी' है, जहां पाठक ने सात साल बिताए। यहीं उन्होंने हॉकी सीखी और अपनी गोलकीपिंग स्किल्स को निखारा। उन्होंने कहा, "मेरे और सुरजीत हॉकी अकादमी के अन्य खिलाड़ियों के लिए यह मौका इसलिए और भी खास है, क्योंकि हम उसी मैदान पर खेलेंगे जहां हमने 7 साल तक यह खेल सीखा है।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे नहीं लगता कि इससे बड़ी कोई और बात हो सकती है। मैं हमें यह मौका देने के लिए पंजाब सरकार और हॉकी इंडिया को धन्यवाद देना चाहता हूं।" पाठक इससे पहले भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश के साथ काम कर चुके हैं। श्रीजेश ने पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद संन्यास ले लिया था। अब पाठक अपने अनुभव का इस्तेमाल करके इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में भारत की गोलकीपिंग को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
भारत अपने अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ करेगा। इसके बाद 29 अक्टूबर को चीन, 30 अक्टूबर को जापान, 1 नवंबर को मलेशिया और 2 नवंबर को साउथ कोरिया के खिलाफ मुकाबले होंगे। 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक लीग चरण के सभी मैच जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि 4 और 5 नवंबर को सेमीफाइनल और मेडल के मुकाबले मोहाली में होंगे। भारत इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे सफल टीम है, जिसने 2011, 2016, 2018 (संयुक्त विजेता), 2023 और 2024 में कुल पांच खिताब जीते हैं।
--आईएएनएस
एसएम/पीएम
