स्पिनर्स के खिलाफ कमजोरी के बावजूद श्रीलंका से बेहतर तैयारी में है भारत: महरूफ
नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से दो टेस्ट मुकाबलों की सीरीज खेली जाएगी। श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज परवेज महरूफ का मानना है कि स्पिनर्स का सामना करने में भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरियों के बावजूद, भारत मेजबान श्रीलंका की तुलना में कहीं बेहतर तैयारी के साथ मैदान में उतरेगा।
दोनों देश 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में सीरीज का पहला मैच खेलेंगे, जिसके बाद 23 अगस्त से कोलंबो स्थित सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में सीरीज का दूसरा मैच खेला जाएगा। इससे पहले भारत ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय वार्म-अप मैच 6 विकेट से अपने नाम किया था। इस टेस्ट सीरीज के साथ दोनों टीमों के लिए जून 2027 में होने वाले फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के 24 अहम अंक दांव पर होंगे।
महरूफ ने मंगलवार को 'सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क' की तरफ से आयोजित एक ऑनलाइन बातचीत में 'आईएएनएस' से कहा, "भारतीय बल्लेबाजी क्रम की कमजोरी और इसे लेकर फैली नकारात्मकता, खासकर घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका से हारने के बाद, ऐसी स्थिति है जिसका श्रीलंका फायदा उठा सकता है अगर वे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएं। मेरी चिंता यह है कि कुछ खिलाड़ियों ने वेस्टइंडीज सीरीज के बाद से कोई मैच नहीं खेला है, क्योंकि उसके तुरंत बाद लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) और फिर यह टेस्ट सीरीज शुरू हो गई। इसलिए, हो सकता है कि कुछ गेंदबाज वर्कलोड के मामले में पूरी तरह तैयार न हों। उनके पास अपना वर्कलोड बढ़ाने और कुछ समय तक ट्रेनिंग करने के लिए कम से कम कुछ हफ्ते थे, लेकिन यह प्रैक्टिस मैच जैसा नहीं है। श्रीलंका ने समय की कमी के कारण कोई प्रैक्टिस मैच नहीं खेला है, जबकि भारत ने अभी-अभी तीन दिवसीय मुकाबला खेला है।"
महरूफ ने भारत और श्रीलंकाई टीम के बीच वॉर्म-अप मैच के समय को चार से घटाकर तीन दिन करने की रणनीतिक समझदारी के लिए भारतीय टीम प्रबंधन की भी तारीफ करते हुए कहा, "उन्होंने चौथे दिन वॉर्म-अप मैच न खेलने के फैसले में समझदारी दिखाई। वे तीन दिवसीय मैच खेलना चाहते थे, और चौथे दिन, उसी पिच पर, वे ट्रेनिंग करने गए क्योंकि वे चाहते थे कि उनके बल्लेबाज स्पिनर्स की गेंदबाजी का सामना करें जो पिच के रफ हिस्से पर गेंदबाजी कर रहे हों, क्योंकि तीसरे या चौथे दिन यही चुनौती होने वाली है। अगर गाले और एसएससी में टेस्ट मैच पांचवें दिन तक जाता है, तो तैयारी के मामले में भारतीय टीम श्रीलंका से कहीं बेहतर स्थिति में है। यहीं पर बढ़त हासिल की जा सकती है। साथ ही, आंकड़ों पर नजर डालें तो वे खुद ही सब कुछ बयां करते हैं। कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों के साथ भारत की गेंदबाजी लाइन-अप काफी मजबूत है।"
दोनों टीमों की गेंदबाजी लाइन-अप की तुलना करते हुए महरूफ ने कहा कि श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण के सामने कई अनिश्चितताएं हैं, खासकर बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या और तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बाद उनके दूसरे स्पिन विकल्पों को लेकर।
उन्होंने कहा, "श्रीलंका काफी हद तक असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या पर निर्भर रहेगा क्योंकि ये दोनों लगातार टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरी अगली चिंता दूसरे स्पिनर रमेश मेंडिस को लेकर है। उन्होंने कुछ समय से टेस्ट क्रिकेट और रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है। पिछले हफ्ते ही, तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में उन्होंने रेड-बॉल गेम खेला था। बहुत सारे सवाल हैं और इनके जवाब 15 तारीख को ही मिलेंगे - उम्मीद है कि टेस्ट मैच 19 तारीख तक पांच दिन चलेगा।"
भारत के प्रैक्टिस मैच के दौरान, श्रीलंकाई टीम के हेड कोच गैरी कर्स्टन मैदान पर खेल को ध्यान से देखते नजर आए। सनथ जयसूर्या के जाने के बाद गैरी कर्स्टन ने श्रीलंका के हेड कोच का पद संभाला है, जिनके मार्गदर्शन में भारत ने वनडे वर्ल्ड कप 2011 का खिताब अपने नाम किया था। महरूफ का मानना है कि कर्स्टन की मौजूदगी मेजबान टीम के ड्रेसिंग रूम में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा, "गैरी कर्स्टन तीनों दिन वहां मौजूद थे। मैं भी कमेंट्री कर रहा था और मैंने उनसे कुछ बातों पर चर्चा की। वह एक 'हैंड्स-ऑन' कोच हैं (जो खुद भी काम में शामिल रहते हैं)। गैरी भारत में भी कोच रह चुके हैं। उनके रिकॉर्ड के बारे में मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है। जहां भी उन्होंने कोचिंग की है, उन्हें बहुत पसंद किया गया। लोग उनका बहुत सम्मान करते हैं। ड्रेसिंग रूम से जो फीडबैक मिल रहा है, उसके मुताबिक सभी खिलाड़ी उन्हें पसंद करते हैं और उनका सम्मान करते हैं। इसलिए, अपने अनुभव से वह इस टीम पर बहुत बड़ा असर डालेंगे। आखिर में, कोच कुछ ही चीजें कर सकते हैं। बाकी सब खिलाड़ियों पर निर्भर करता है कि वे मैदान पर जाकर कैसा खेलते हैं, क्योंकि आजकल हेड कोच की भूमिका 'मैन-मैनेजमेंट' (खिलाड़ियों को संभालने) जैसी होती है।"
भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री का उदाहरण देते हुए, मारूफ ने इस बात पर जोर दिया कि कर्स्टन की मुख्य भूमिका श्रीलंका के युवा खिलाड़ियों में सही सोच विकसित करने की होगी, खासकर तब जब चोटों के कारण कुसल मेंडिस और पथुम निसंका टीम में उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "जैसे रवि शास्त्री ने तब किया था जब भारतीय टीम सभी फॉर्मेट में बहुत सफल थी, मुझे लगता है कि गैरी भी वैसी ही भूमिका निभाना चाहेंगे क्योंकि टैलेंट की बात करें तो श्रीलंका में बहुत टैलेंट मौजूद है। बस सही खिलाड़ियों को शामिल करना और भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने के लिए सही सोच रखना जरूरी है; इसी तरह आप खिलाड़ियों के लिए मैदान पर जाकर अच्छा प्रदर्शन करने का माहौल बनाते हैं।"
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) चक्र के नजरिए से सीरीज के महत्व पर बात करते हुए, महरूफ ने कहा कि अगर भारतीय टीम को गाले और कोलंबो में दोनों मैच जीतने हैं, तो नमी से निपटना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने कहा, "डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स दोनों टीमों के लिए बहुत अहम हैं। कुल 24 प्वाइंट्स दांव पर हैं; दोनों टीमें सब-कॉन्टिनेंट के हालात से अच्छी तरह वाकिफ हैं। लेकिन एक चीज जिसमें भारत को थोड़ी मुश्किल हो सकती है, वह है नमी का फैक्टर। मैं समझता हूं कि इस समय भारत में, और बेंगलुरु में भी, काफी गर्मी है। लेकिन श्रीलंका, खासकर गाले में, नमी बहुत ज्यादा हो सकती है और यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भारतीय थिंक टैंक का तीन दिन का मैच खेलने का फैसला बहुत बढ़िया था, ताकि वे वहां के माहौल और हालात के हिसाब से ढल सकें, क्योंकि गर्मी का स्तर लगभग एक जैसा ही है।"
"लेकिन श्रीलंका में आर्द्रता का स्तर बहुत अधिक है, और उन्हें गाले में तीन दिन ट्रेनिंग का मौका मिला। इसलिए, मुझे पूरा भरोसा है कि जब पहला टेस्ट मैच शुरू होगा, तो वे इसके लिए पूरी तरह तैयार होंगे। आखिर में बात यही है - हम बहुत कुछ कह सकते हैं, लेकिन अंत में, यह एक गेंद और एक बल्लेबाज के बीच का मुकाबला होता है। आपको चीजों को बहुत सरल रखना होगा और प्रोसेस पर भरोसा करना होगा।"
--आईएएनएस
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