सपा घोषणापत्र जारी करने से पहले जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करे : भाजपा
लखनऊ, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस द्वारा घोषणापत्र और सीटों को लेकर की जा रही तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी के मंत्रियों ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश सरकार के मंत्रियों जयवीर सिंह, दानिश आजाद अंसारी और दया शंकर सिंह ने विपक्ष की रणनीति को विफल बताते हुए भाजपा की तीसरी बार बड़ी जीत का दावा किया है।
लखनऊ में मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और वैसे भी भारतीय जनता पार्टी हमेशा चुनावी मोड में ही रहती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव पूरे होने वाले हैं और उन्हें उम्मीद है कि उसके तुरंत बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही 11 तारीख को होने वाले स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव भी संपन्न होंगे।
उन्होंने कहा कि इन चुनावों के बाद पार्टी पूरी तरह से विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर फोकस करेगी। पार्टी हर छोटी-छोटी बात पर काम करेगी और जमीनी स्तर पर अपने प्रत्येक कार्यकर्ता को सक्रिय करेगी।
जयवीर सिंह ने कहा कि हमारा मानना है कि विपक्ष ने अपनी स्थिति का अच्छी तरह से आकलन कर लिया है और वे जमीनी स्तर पर अपनी ताकत को समझते हैं। दोनों पक्षों को पता है कि हालात हमारे पक्ष में नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में हैं। यही वजह है कि विपक्ष में अनिश्चितता बनी हुई है और ऐसा कुछ भी ठोस नहीं है जो इसके विपरीत संकेत दे। हमारा लक्ष्य 2022 के मुकाबले और भी बड़े बहुमत के साथ तीसरी बार सरकार बनाना है। हमारे पास इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत आधार, तथ्य और हमारा पिछला ट्रैक रिकॉर्ड मौजूद है।
वहीं मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र पेश करने की तैयारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र पेश करने से पहले उत्तर प्रदेश की जनता आपसे आपके काम का हिसाब मांग रही है। जनता आपसे वादे नहीं, बल्कि यह जानना चाहती है कि 2012 से 2017 के दौरान जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तो उसने प्रदेश के विकास के लिए क्या काम किया।
उन्होंने कहा कि सपा पहले अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करे, तभी समझ आएगा कि भविष्य में उसकी क्या योजनाएं हैं। समाजवादी पार्टी का रिपोर्ट कार्ड क्या दिखाएगा? उसमें दंगे, भ्रष्टाचार, लूट-पाट, अपराध और युवाओं के सपनों को कुचले जाने की कहानी दिखेगी।
मंत्री ने कहा कि यह याद रखना चाहिए कि समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में सत्ता में आने से लेकर सत्ता से बाहर होने तक उत्तर प्रदेश में 700 से ज्यादा दंगे हुए। ये दंगे सपा सरकार के संरक्षण में हुए और इसका सबसे ज्यादा नुकसान समाज के गरीब वर्गों को उठाना पड़ा।
कांग्रेस और सपा पर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल जिस तरह से देश का माहौल खराब कर रहे हैं और लगातार देश की एकता और अखंडता पर हमला कर रहे हैं, उसे उत्तर प्रदेश और पूरे देश की जनता देख रही है। वे 2027 के चुनावों में इसका जवाब देंगे। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस चाहे कितनी भी साजिशें रच लें, राज्य की जनता विकास के साथ ही खड़ी रहेगी।
बलिया में परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने भी सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। सपा के घोषणापत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना घोषणापत्र जारी करें, लेकिन पहले अपने कार्यकर्ताओं से अपील करें कि वे लोगों को डराना-सताना बंद करें। प्रदेश की जनता ने देखा है कि समाजवादी पार्टी के शासन में क्या विकास हुआ। उस समय भय, आतंक और अपराधियों का बोलबाला था।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश में 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे जितनी सीटों पर चुनाव लड़े, उसे कोई सफलता नहीं मिलने वाली है। कांग्रेस उत्तर प्रदेश से एक तरह से सफाया होती जा रही है। कांग्रेस केवल दो सीटों पर ही सिमटकर रह गई है।
--आईएएनएस
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