सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने पर भड़की शिवसेना, कहा-लोकतंत्र का गला घोंट रही केंद्र सरकार
मुंबई, 20 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र 'सामना' ने भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने का विरोध किया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया है।
शिवसेना यूबीटी ने सामना के संपादकीय में लिखा, "भारतीय लोकतंत्र का पूरी तरह से जनाजा निकल चुका है। पिछले दो दिनों में सरकार ने जिन दो बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है, वह पूरा तमाशा लोकतंत्र का रेप और उसकी हत्या कर लोकतंत्र के शव को सड़क पर फेंकने जैसा ही है। ‘नीट’ परीक्षा के पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के ‘जंतर-मंतर’ पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरन कब्जे में लिया और अस्पताल में भर्ती करा दिया। वांगचुक के अनशन के 20वें दिन यह वाकया हुआ। संसद का सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और शनिवार की आधी रात के बाद अमित शाह की पुलिस हाथों में बंदूकें लिए ‘जंतर-मंतर’ में घुस गई। किसी आतंकवादी को घेरने की तरह एक गांधीवादी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाना ही सरकार के डरपोकपन को साबित करता है।"
शिवसेना ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। भाजपा समर्थक एक महिला ने कार्यकर्ताओं पर स्याही फेंकी। वांगचुक को अनशन स्थल से हटाने के कारण सरकार के खिलाफ गुस्सा उबल रहा है। सरकार भ्रष्टाचारियों और व्यभिचारियों को संरक्षण देना चाहती है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को जेल में डालना चाहती है। देश के लोकतंत्र को बदनाम और मैला करने की इस कोशिश को अब एकजुट होकर नाकाम करना होगा। झूठ, दमन और बंदूकों के दम पर यह मोदी सरकार टिकी हुई है।
स्वतंत्रता और लोकतंत्र की चिता जलाकर ये लोग सत्ता में आए हैं, यह बात अब छिपी नहीं रही। यही वजह है कि सोनम वांगचुक का अनशन और उन्हें मिल रहा समर्थन देखकर सरकार डर गई। वांगचुक ने अस्पताल के आईसीयू (अति-दक्षता विभाग) से भारतीय जनता के लिए जो संदेश भेजा है, वह बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने हाथों से लिखकर भेजा है कि 'यह आजादी का दूसरा आंदोलन है। भयमुक्त भारत, अन्यायमुक्तभारत!' वांगचुकक का यह आंदोलन और भड़केगा तथा लोकतंत्र विरोधी यह ‘व्यापारी’ सरकार उसी आग में भस्म हो जाएगी।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखा, "रात के अंधेरे में सरकार ने सोनम वांगचुक को जबरन उठा लिया। ठीक उसी तरह लोकसभा अध्यक्ष ने भी अंधेरे में ही शिवसेना और तृणमूल कांग्रेस के ‘गद्दार’ गुट को मान्यता दे दी।
भारतीय लोकतंत्र में पैदा हुए रामन राघव ने आजादी के सिर पर रोज वार करके उसे लहुलुहान कर दिया है और नरपिशाचों की तरह सत्ताधीश उस खून के दलदल में नाचकर जश्न मना रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने शिवसेना के सिर पर वार किया, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के सिर पर वार किया और आम आदमी पार्टी के सिर पर वार किया। फिर भी वे देशभक्तों की इस लड़ाई को रोक नहीं पाएंगे।
--आईएएनएस
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