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सोमालीलैंड को मान्यता के बाद, पहली बार राष्ट्रपति अब्दुल्लाही इजरायल दौरे पर

तेल अवीव, 14 जून (आईएएनएस)। सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही पत्नी फरदौसा मोहम्मद रोबल रविवार को एक ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर इजरायल में होंगे। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में इसका दावा किया गया है। वहीं सोमालीलैंड के डिप्लोमैट इस्माइल शिराक ने भी इसका संकेत सोशल मीडिया पर दिया।
 
सोमालीलैंड को मान्यता के बाद, पहली बार राष्ट्रपति अब्दुल्लाही इजरायल दौरे पर

तेल अवीव, 14 जून (आईएएनएस)। सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही पत्नी फरदौसा मोहम्मद रोबल रविवार को एक ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर इजरायल में होंगे। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में इसका दावा किया गया है। वहीं सोमालीलैंड के डिप्लोमैट इस्माइल शिराक ने भी इसका संकेत सोशल मीडिया पर दिया।

'द यरूशलम पोस्ट' के अनुसार, यह किसी सोमालीलैंड राष्ट्राध्यक्ष की इजरायल की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। साथ ही, दिसंबर 2025 में यरूशलम द्वारा औपचारिक रूप से सोमालीलैंड की स्वतंत्रता को मान्यता दिए जाने के बाद यह पहला उच्चस्तरीय दौरा भी होगा। सोमालिया से अलग होकर स्वयं को स्वतंत्र घोषित करने वाले क्षेत्र सोमालीलैंड को मान्यता देने वाला पहला देश इजरायल ही था।

अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही जिन्हें आमतौर पर 'सिरो' के नाम से जाना जाता है ने मूल रूप से मार्च के अंत में अपनी पहली आधिकारिक इजरायल यात्रा की योजना बनाई थी।

यह यात्रा राष्ट्रपति के रूप में उनकी इजरायल की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। उनके रविवार से गुरुवार तक इजरायल में रहने की जानकारी दी गई है। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण क्षण सोमवार शाम को आने की संभावना है, जब यरूशलम में सोमालीलैंड के दूतावास का आधिकारिक उद्घाटन किया जाएगा।

सोमालीलैंड की संप्रभुता को मान्यता दिए जाने के बाद यह कदम दोनों पक्षों के बीच पूर्ण राजनयिक संबंधों की स्थापना का प्रतीक माना जा रहा है।

वहीं, सोमालीलैंड के राजनयिक इस्माइल शिरवाक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रविवार रात एक पोस्ट में तेल अवीव में लगाए गए सोमालीलैंड और इजरायल के झंडों की तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति सिरो के 'कल' इजरायल पहुंचने की उम्मीद है।

एक्स पर लिखा, "इतिहास रचा जाने वाला है। इजरायल की सड़कों पर सोमालीलैंड और इजरायल के झंडे साथ-साथ लहरा रहे हैं, जो सोमालीलैंड गणराज्य के राष्ट्रपति के 'कल' इजरायल दौरे और उनके स्वागत की तैयारियों को दर्शाता है।"

सोमालीलैंड अदन की खाड़ी के तट पर, रेड सी के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित है। इजरायल ने इस स्वयं-घोषित गणराज्य को मान्यता देकर इस रणनीतिक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश की है, ताकि वह ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के प्रभाव का मुकाबला कर सके।

सोमालीलैंड के सामने, अदन की खाड़ी के पार यमन में बड़े क्षेत्रों पर नियंत्रण रखने वाले हूती हाल के समय में इजरायल के लिए एक बड़ी चिंता बनकर उभरे हैं। हूती ने लाल सागर से गुजरने वाले इजरायल से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों के समर्थकों का मानना है कि इजरायल और सोमालीलैंड के बीच सहयोग से आर्थिक विकास, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, इससे सोमालीलैंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भागीदारी और पहचान बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।

--आईएएनएस

केआर/