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स्मृति मंधाना बतौर भारतीय कप्तान अपना रास्ता खुद बना सकती हैं: अंजुम चोपड़ा

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा का मानना है कि स्मृति मंधाना को हरमनप्रीत कौर की जगह टीम की नई कप्तान बनने के लिए खुद को आंकने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें सभी फॉर्मेट की जिम्मेदारी मिलने के बाद अपने नेतृत्व का रास्ता खुद बनाना चाहिए।
 

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा का मानना ​​है कि स्मृति मंधाना को हरमनप्रीत कौर की जगह टीम की नई कप्तान बनने के लिए खुद को आंकने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें सभी फॉर्मेट की जिम्मेदारी मिलने के बाद अपने नेतृत्व का रास्ता खुद बनाना चाहिए।

स्मृति को उसी दिन भारत की सभी फॉर्मेट की कप्तान बनाया गया था, जिस दिन हरमनप्रीत ने लगभग एक दशक तक कप्तानी करने के बाद पद छोड़ा था। भारत की कप्तान के तौर पर उनका पहला फुल-टाइम काम जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैचों की घरेलू सीरीज है, जो 16 अक्टूबर से रायपुर में शुरू होगी।

अंजुम ने आईएएनएस से कहा, "स्मृति को हरमन की जगह लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। उन्हें इंडिया को लीड करने का अनुभव है - 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ गुवाहाटी गेम्स में उन्होंने पहली बार टीम की कप्तानी की थी और अच्छी बात यह है कि फुल-टाइम कैप्टन बनने से पहले उन्हें हरमन या किसी और के मुकाबले लीडरशिप रोल में ज्यादा समय मिला है। स्मृति अपना एरिया खुद तय कर सकती हैं। इंडियन टीम अभी जिन चुनौतियों का सामना कर रही है, उनके बारे में सबको पता है, और मुझे यकीन है कि स्मृति को उनके बारे में पता है। उनकी सबसे बड़ी चुनौती उन कमियों को दूर करना होगा, चाहे वह टी20 हो या वनडे, और टीम जहां तक ​​पहुंची है, उसे आगे बढ़ाना होगा। ये सभी खिलाड़ी - दीप्ति, स्मृति, जेमिमा - एक साथ इस मुकाम तक पहुंची हैं। अब इसे अगले लेवल पर ले जाने की बात है।"

चोपड़ा ने कहा, "यह रिले में बैटन पास करने जैसा है। स्मृति अपनी कप्तानी के अनुभव और इस ग्रुप के साथ-साथ आने वाले खिलाड़ियों के साथ अपनी जान-पहचान का इस्तेमाल कैसे करती है, ताकि वह एक ऐसी लीडर बन सके जिससे हर कोई जवाब मांगे। उनकी कप्तानी को भविष्य में मापा जाएगा।"

उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद नहीं है कि स्मृति हरमन की क्लोन होगी, और किसी को भी क्लोन नहीं होना चाहिए। आप हर लीडर की सबसे अच्छी बातें लेते हैं, उन्हें आगे लाते हैं, और उन्हें अपना बनाते हैं। स्मृति लंबे समय से भारतीय टीम के साथ हैं। उन्हें हरमन की क्लोन बनने की जरूरत नहीं है। पिछले 12 से 13 सालों में भारत के लिए खेलते हुए जो कुछ भी सीखा है, उसे उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है। उनके पास कप्तानी का अनुभव है, स्किल लेवल बहुत अच्छा है, और उन्होंने दुनिया भर में घूमा है - वह दुनिया भर के हालात और विरोधियों को जानती हैं। उनके लिए अगला कदम यह तय करना है कि उन्हें अपने फैसले लेने में किन बातों को अपनाना है और टीम को कैसे आगे बढ़ाना है।"

कप्तानी में बदलाव को टीम कैसे संभालेगी? इस पर अंजुम ने कहा, "यह एक आसान शुरुआत होगी, क्योंकि जिम्बाब्वे पहली बार भारत के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज खेलने जा रहा है। किसी भी खिलाड़ी के लिए उस बदलाव के साथ ढलना आसान नहीं होगा। अच्छी बात यह है कि भारतीय टीम को सेटल होने के लिए थोड़ा समय मिलेगा, और मुझे लगता है कि सीरीज शुरू होने से पहले एक कैंप होगा। यह सीरीज दुनिया की नंबर एक टीम के खिलाफ नहीं है, जहाँ हाई टेंशन हो, इसलिए खिलाड़ियों के पास एडजस्ट करने के लिए जगह और समय होगा। उस चेंज रूम में मौजूद लोगों को जल्द ही एहसास हो जाएगा कि उन्हें इंस्ट्रक्शन और गाइडेंस के लिए एक अलग दिशा में देखना होगा।"

उन्होंने कहा, "अलग-अलग फॉर्मेट में अलग-अलग सेटअप होते हैं, लेकिन टी20 और वनडे टीमों के लिए कप्तान एक ही रहता है। भारत में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की ओर बढ़ते हुए हर कोई कैसा प्रदर्शन करता है, यह बारीकी से देखा जाएगा। हर किसी को अपना रास्ता खुद तय करना होगा। जबकि कैप्टन आखिरी फैसले लेता है, इस टीम के हर खिलाड़ी को मिलकर उस रास्ते पर कदम रखने से पहले अपनी व्यक्तिगत भूमिका को समझना होगा।"

मंधाना पूर्व में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुकी हैं और अपनी कप्तानी में विमेंस प्रीमियर लीग में आरसीबी को दो खिताब दिला चुकी हैं।

अंजुम ने कहा, "वह इंडियन टीम की लीडर के तौर पर कैसे सामने आती है, यह हम सब देखेंगे। जो कुछ भी पहले हुआ, वह हो चुका है। अब काम साफ तौर पर तय है। आप इंडियन टीम के कप्तान हैं। अब हम यहाँ से विश्लेषण करेंगे।"

--आईएएनएस

पीएके