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एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा नेताओं ने किया स्वागत, विपक्ष पर साधा निशाना

हैदराबाद, 27 मई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बुधवार को सुनाए गए फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता रामचंद्र राव और मनमीत सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि एसआईआर को लेकर जो भी भ्रम फैलाया जा रहा था, वह गलत है और जनता को इस मुद्दे पर गुमराह नहीं होना चाहिए।
 
एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा नेताओं ने किया स्वागत, विपक्ष पर साधा निशाना

हैदराबाद, 27 मई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बुधवार को सुनाए गए फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता रामचंद्र राव और मनमीत सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि एसआईआर को लेकर जो भी भ्रम फैलाया जा रहा था, वह गलत है और जनता को इस मुद्दे पर गुमराह नहीं होना चाहिए।

रामचंद्र राव ने कहा कि एसआईआर कोई नई या विवादित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर की जाने वाली एक नियमित कवायद है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में उन लोगों के नाम हटाए जाते हैं जो या तो स्थान बदल चुके हैं, मृत हो चुके हैं या फिर नागरिकता के मानकों पर खरे नहीं उतरते। साथ ही, नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं ताकि सूची पूरी तरह से सही बनी रहे।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में प्रक्रिया की वैधता को लेकर स्पष्टता दी है। उनके अनुसार, अब यह बात साफ हो गई है कि एसआईआर प्रक्रिया में कोई संदिग्धता नहीं है और यह पूरी तरह से कानून के दायरे में है।

रामचंद्र राव ने आगे कहा कि विपक्ष एक तरफ इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ चुनावी प्रक्रिया में भाग भी ले रहा है। उन्होंने इसे विरोधाभासी रवैया बताया और कहा कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग की दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में पहले भी ऐसी एसआईआर प्रक्रियाएं हो चुकी हैं, और यह कोई पहली बार नहीं है। पहले कांग्रेस सरकार के समय भी ऐसे पुनरीक्षण किए गए थे, इसलिए अब इसे लेकर विवाद खड़ा करना सही नहीं है।

वहीं, भाजपा नेता मनमीत सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी न्यायपालिका के निर्णय का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष हर बार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाता है, लेकिन जब प्रक्रिया शुरू हो जाती है तो वही दल उसमें भाग भी लेते हैं।

मनमीत सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य हमेशा साफ, निष्पक्ष और भरोसेमंद मतदाता सूची तैयार करना होता है, ताकि लोकतंत्र की प्रक्रिया मजबूत हो सके। इसके लिए समय-समय पर नामों की जांच, हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया जरूरी है।

बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं। विपक्ष में जो लोग इस मुद्दे को उठा रहे थे और झूठ का सहारा लेकर बिहार की जनता को बेवजह गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे और चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे थे उनके लिए यह फैसला एक करारा जवाब है।"

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी