एसआईआर को लेकर सीएम सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला, कहा-आरोपों के बजाय तथ्य के साथ आएं
पटना, 27 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों को आरोपों के साथ तथ्य और दस्तावेज भी सामने रखने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है और 2003 में भी मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया गया था। बिहार में 2025 में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी की गई। इससे पहले 2003 में भी राज्य में एसआईआर हुआ था। 2003 की मतदाता सूची को 2025 की प्रक्रिया में भी आधार बनाया गया।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि एसआईआर के दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया। इसके बाद चुनाव आयोग द्वारा ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई। दावे और आपत्तियों के लिए भी समय दिया गया। चुनाव आयोग द्वारा पहले ड्राफ्ट सूची जारी की गई और बाद की प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची जारी की गई।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं की पहचान हुई। निर्वाचन आयोग के जुलाई 2025 के आंकड़ों में भी मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं की पहचान की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया था।
सीएम सम्राट चौधरी ने विपक्ष, विशेषकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव द्वारा एसआईआर को लेकर उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों के नाम सूची से हटने का दावा किया गया, उनके संबंध में ठोस दस्तावेज के साथ निर्वाचन आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई गड़बड़ी सामने आई, उसे प्रक्रिया के तहत ठीक किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्धारित नियम और आपत्ति दर्ज कराने की व्यवस्था पहले से मौजूद है।
उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची से जुड़ी समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का अधिकार है। ऐसे मामलों में राजनीतिक बयानबाजी के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से समाधान तलाशना अधिक प्रभावी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सुधार के लिए निर्वाचन आयोग की व्यवस्था मौजूद है। आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर नए पंजीकरण, संशोधन, शिकायत और अपील जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
चुनाव रद्द करने की मांग पर सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि किसी को चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत है तो उसके लिए निर्वाचन आयोग और न्यायालय की व्यवस्था मौजूद है। लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन उनके समर्थन में तथ्य भी सामने रखे जाने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को लोकतंत्र और निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जनता ही चुनाव में अंतिम निर्णय करती है और राजनीतिक दलों को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए। विपक्ष द्वारा एसआईआर के खिलाफ आंदोलन की घोषणा पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन आंदोलन के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों को प्रमाण और तथ्यों के साथ सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस पर उठाए गए सवालों का जवाब संबंधित स्तर पर दिया जा चुका है।
--आईएएनएस
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