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एसआईआर को लेकर भाजपा-चुनाव आयोग पर 'आप' विधायक संजीव झा का हमला, पंजाब कांग्रेस पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक संजीव झा ने राष्ट्रीय राजधानी में एसआईआर, चुनाव आयोग, पश्चिम बंगाल में एसआईआर, एजेंसियों के दुरुपयोग और सोनम वांगचुक के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है।
 

नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक संजीव झा ने राष्ट्रीय राजधानी में एसआईआर, चुनाव आयोग, पश्चिम बंगाल में एसआईआर, एजेंसियों के दुरुपयोग और सोनम वांगचुक के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है।

आईएएनएस से बातचीत के दौरान संजीव झा ने कहा कि आपको निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से हटाए गए वोटरों की जानकारी और वोट हटाने का आधार भी मिलेगा। उनका कहना है कि हमने एक सर्वे किया और लोग या तो वहां मौजूद नहीं थे, कहीं और चले गए थे या उनकी मौत हो चुकी थी, इसलिए उनका नाम काट दिया गया।

उन्होंने कहा कि हटाए गए वोटों में से लगभग 90 प्रतिशत वोटरों के नाम 'मौजूद न होने' और 'कहीं और चले जाने' की वजह से हटाए गए थे। इसका मतलब है कि वेकेशन के दौरान जून में आपने सर्वे कराया। जून में लोग घर से बाहर रहते हैं, गांव जाते हैं या कहीं बाहर रहते हैं। ऐसे में इनका पहले से ही मन था कि जो लोग बाहर मिलेंगे, उनका वोट काट दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि झुग्गियां तोड़ी गईं। वहां रहने वाले वोटरों का नाम काट दिया गया। जिन लोगों को सरकार ने घर दिया, उनका नाम भी इस सूची में शामिल नहीं है। 14 लाख लोग तो ऐसे ही शामिल नहीं हो पाए। झुग्गी में रहने वाले लोगों के नाम हटाए गए। आपकी मंशा क्या है? पश्चिम बंगाल और बिहार में जो मंशा थी, वही मंशा दिल्ली में भी है। दुर्भाग्य है कि इसका जरिया चुनाव आयोग बन रहा है।

संजीव झा ने कहा कि हमने एसआईआर का समय बढ़ाने और छूटे लोगों के नाम शामिल करने की मांग की है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। पश्चिम बंगाल में 92 लाख वोटरों के नाम काटे गए, तो अब तक उनकी पहचान भी हो गई होगी। कितने लोगों को वापस भेजा गया? ये लोग सिर्फ लोगों को गुमराह करके अपना सिस्टम बनाना चाहते हैं।

सोनम वांगचुक के अनशन पर उन्होंने कहा कि उनके अनशन का 20वां दिन है। भीषण गर्मी है। सरकार अहंकार में है। सोनम वांगचुक ने लद्दाख को बचाने की लड़ाई लड़ी और अब वह देश को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे में सरकार के अहंकार को तोड़ने की जरूरत है। मैं उन नौजवानों से अपील करता हूं, जिन्हें पेपर लीक के कारण नौकरी नहीं मिल सकी। यह लड़ाई सिर्फ सोनम वांगचुक की नहीं है, बल्कि हर उस इंसान की है, जो सरकार से पीड़ित है।

उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक किसी पार्टी के नहीं हैं। इसमें किसी पार्टी के सदस्य ही नहीं, बल्कि हर नागरिक को शामिल होना चाहिए। सोनम वांगचुक की लड़ाई का हिस्सा हर किसी को बनना चाहिए।

संजीव झा ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस है ही नहीं। न उन्हें पंजाब की चिंता है और न ही पंजाब के मुद्दों की चिंता है। पीछे से कांग्रेस और भाजपा की जुगलबंदी चल रही है। कांग्रेस भाजपा से नहीं, बल्कि खुद से लड़ती है। वही पंजाब में हो रहा है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम