एसआईआर के जरिए मतदाताओं के अधिकार छीने जा रहे, व्यापक गठबंधन जरूरी : वृंदा करात
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने इंडी गठबंधन की बैठक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), केरल में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 को बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर बयान दिया। उन्होंने वोट देने के अधिकार की रक्षा को मौजूदा समय का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) नेता वृंदा करात ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि बैठक मुख्य रूप से एसआईआर के जरिए भारतीय नागरिकों के बड़े पैमाने पर वोटिंग अधिकार छीने जाने की समस्या पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में सभी समुदायों और खासकर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। गरीबों, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के बड़े वर्ग के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के सवाल उठाना कि इंडी गठबंधन में कौन शामिल है या इसका दायरा क्या होना चाहिए, गैर-जरूरी है। कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और वामपंथी दलों का मानना है कि वोट देने के बुनियादी अधिकार की रक्षा के लिए एक व्यापक गठबंधन होना चाहिए, जिसमें विभिन्न वर्गों को शामिल किया जाए। उनकी प्राथमिक चिंता नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा करना है।
केरल में छात्रों पर हमले को लेकर भी करात ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल पुलिस ने कांग्रेस सरकार के तहत छात्रावास में प्रवेश कर छात्रों के साथ मारपीट की। यह लोकतंत्र और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात के विपरीत है और इसकी हम लोगों को निंदा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई को कांग्रेस समर्थित लोगों और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का संरक्षण प्राप्त था।
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 को बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ करते हुए करात ने उन्हें ‘हीरो’ बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य पायलट के रूप में मच्छार ने अद्भुत बहादुरी और निस्वार्थ भाव का परिचय दिया, जिसकी वजह से कई लोगों की जान बची।
आरएसएस नेता सुनील आंबेकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए करात ने आरएसएस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों के पीछे आरएसएस का दबाव है और एसआईआर के माध्यम से बड़े पैमाने पर लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।
करात ने कहा कि ‘शुद्धिकरण’ और मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने के नाम पर चल रही प्रक्रिया को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में बनाई गई डेमोग्राफिक कमेटी जिस तरह के सवाल पूछ रही है, उससे भारतीय नागरिकों के एक विशेष समुदाय को निशाना बनाए जाने की आशंका है। करात ने आरएसएस पर ‘बांटो और राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य मतदान के बुनियादी अधिकार की रक्षा करना है।
--आईएएनएस
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