एसआईआर और वोट चोरी पर इंडिया गठबंधन एकजुट, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें: राकेश सिन्हा
रांची, 29 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने चुनाव आयोग, एसआईआर और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर पूरा विपक्ष और इंडिया गठबंधन एकजुट है और आगामी बैठक में आगे की रणनीति पर फैसला होगा। इसके अलावा, उन्होंने भगवान राम और शिव को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान, अखिलेश यादव के राम मंदिर संबंधी बयान, आईएएस दिव्या मित्तल के राजनीति में आने, भाजपा नेताओं को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नसीहत और राज्यों की गारंटी योजनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भगवान राम और शिव को लेकर दिए गए बयान पर राकेश सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में राम और शिव को एक-दूसरे का पूरक माना जाता है। अलग-अलग राज्यों और लोगों के अपने-अपने आराध्य हैं और यही देश की धार्मिक विविधता की खूबसूरती है। कहीं भगवान विष्णु या कृष्ण की पूजा होती है तो कहीं मां दुर्गा, मां काली या गणपति की। झारखंड और बिहार में भी महादेव की पूजा होती है। रेवंत रेड्डी द्वारा इस विषय को द्रविड़ और आर्य से जोड़ना मूल मुद्दे को दूसरी दिशा में ले जाने जैसा है।
अखिलेश यादव के राम मंदिर से जुड़े बयान पर राकेश सिन्हा ने कहा कि यह आस्था और श्रद्धा का विषय है। उन्होंने तिरुपति बालाजी का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों के बीच यह सामान्य धारणा है कि जब भगवान का बुलावा आता है, तभी दर्शन का अवसर मिलता है। भारत में धार्मिक आस्था बेहद मजबूत है और इसे कोई कम नहीं कर सकता।
आईएएस पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा करने वाली दिव्या मित्तल को लेकर राकेश सिन्हा ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने भविष्य के बारे में फैसला लेने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी नौकरी छोड़कर जनता की सेवा करना चाहता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। राजनीति में आने वाला व्यक्ति निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्भीक तरीके से जनता की सेवा करे, यही महत्वपूर्ण है।
भाजपा नेताओं को महंगे उपहार और सोने-चांदी के मुकुट लेने से बचने की नितिन नवीन की नसीहत पर राकेश सिन्हा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और चुनाव आयोग से जुड़े लोगों को भी राजनीतिक जीवन में मर्यादा और शुचिता बनाए रखने की सलाह देनी चाहिए। यदि मर्यादा और शुचिता जरूरी है तो चुनाव आयोग से जुड़े विवादों पर भी यही सिद्धांत लागू होना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
वोट चोरी के आरोपों पर राकेश सिन्हा ने कहा कि यह बड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया गया और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट है और आगामी बैठक में आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भी इस मामले पर जवाब देना चाहिए। वहीं, बैठक में अखिलेश यादव की संभावित गैरमौजूदगी पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से इंडिया गठबंधन में प्रतिनिधित्व रहेगा।
दिल्ली में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मुद्दे पर राकेश सिन्हा ने दावा किया कि एक जनपद और एक जिले के स्तर पर 727 लोगों के नाम काटे गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल किया कि ये नाम किसने और किसके आदेश पर काटे। यदि संबंधित व्यक्ति वहां मौजूद था तो चुनाव आयोग की व्यवस्था ने उसके नाम को लेकर कार्रवाई क्यों नहीं रोकी। केवल प्रेस विज्ञप्ति जारी करके या तारीख बढ़ाने की जानकारी देकर इन सवालों का जवाब नहीं दिया जा सकता। आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मतदाता सूची में ऐसी गड़बड़ियां कैसे हुईं।
कपिल सिब्बल द्वारा चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के रवैये पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में राकेश सिन्हा ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि 14 आपत्तियों को दरकिनार करके फैसले लिए गए। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन अपेक्षित है। उन्होंने न्यायपालिका से भी गंभीरता से मामले को देखने की अपील की और कहा कि लोकतंत्र को लेकर जनता का भरोसा न्यायालय पर है।
कर्नाटक के नेताओं द्वारा सरकारी गारंटी योजनाओं से आर्थिक बोझ बढ़ने की बात पर राकेश सिन्हा ने कहा कि राज्यों पर आर्थिक दबाव बढ़ना एक वास्तविक चिंता है। उन्होंने इसके लिए केंद्र की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। झारखंड की महिला सम्मान योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह गरीब महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने की योजना है। केंद्र की नीतियों के कारण राज्यों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, जिसका असर ऐसी योजनाओं पर पड़ सकता है।
--आईएएनएस
पीएसके
