सिंगर बनने का सपना टूटा, फिर 'रोडीज' से चमके रघु राम, जानें रिजेक्शन से सफलता तक का सफर
मुंबई, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। हर इंसान की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ जरूर आता है, जो उसे नई दिशा देता है। कुछ लोग उस मोड़ पर हार मान लेते हैं, तो कुछ उसी से अपनी नई पहचान बना लेते हैं। टीवी की दुनिया के चर्चित सितारे रघु राम की कहानी भी ऐसी ही है। आज भले ही लोग उन्हें उनके सख्त अंदाज और रियलिटी शो के लिए जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि उन्होंने कभी गायक बनने का सपना देखा था। यह सपना पूरा नहीं हो सका, लेकिन उसी असफलता ने उन्हें एक अलग रास्ता दिखाया, जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
रघु राम का जन्म 15 अप्रैल 1973 को दिल्ली में हुआ था। उनका बचपन एक साधारण परिवार में बीता और उनके साथ उनके जुड़वा भाई राजीव लक्ष्मण भी बड़े हुए। दोनों भाइयों के बीच हमेशा गहरी दोस्ती रही और यही साथ आगे चलकर उनके करियर में भी दिखा। पढ़ाई पूरी करने के बाद रघु ने मीडिया और मनोरंजन की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया।
करियर की शुरुआत में रघु राम ने कई छोटे-बड़े काम किए, लेकिन उन्हें असली पहचान तब मिली जब उन्होंने रियलिटी शो 'एमटीवी रोडीज' से जुड़कर इसे एक नया रूप दिया। इस शो में उनका गुस्सैल और सख्त अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया। उन्होंने शो को युवाओं के लिए एक ऐसा मंच बनाया, जहां वे अपनी असली सोच और व्यक्तित्व दिखा सकें। यही वजह है कि यह शो लंबे समय तक लोकप्रिय बना रहा।
लेकिन इस सफलता के पीछे एक दिलचस्प कहानी छिपी है। रघु राम ने एक समय पर गायक बनने का सपना देखा था, और इसके लिए उन्होंने 'इंडियन आइडल' के पहले सीजन में ऑडिशन भी दिया था। उस समय शो के जजों को उनका गाना पसंद नहीं आया और उन्हें वहीं से बाहर कर दिया गया। बाद में रघु ने खुद बताया कि उस दौरान उनका व्यवहार थोड़ा अलग और मजाकिया था, जिसे जजों ने गंभीरता से ले लिया। यह घटना उनके लिए एक बड़ा झटका थी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
इस असफलता के बाद रघु राम ने अपने करियर की दिशा बदली और टीवी प्रोडक्शन की दुनिया में पूरी मेहनत से काम करना शुरू किया। उन्होंने धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई और फिर 'रोडीज' जैसे शो के जरिए बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने 'एमटीवी स्प्लिट्सविला' जैसे शो में भी काम किया।
टीवी के अलावा रघु राम ने फिल्मों में भी काम किया। वह 'तीस मार खान' और 'झूठा ही सही' जैसी फिल्मों में नजर आए। हालांकि फिल्मों में उन्हें उतनी सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी कोशिश जारी रखी।
--आईएएनएस
पीके/एबीएम
