श्रावणी मेला के लिए बरहनी-देवघर के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी राहत
मालदा, 19 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में श्रावणी मेला के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बरहनी और देवघर के बीच अनारक्षित श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह विशेष ट्रेन 28 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
रेलवे के अनुसार, 05028 बरहनी-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल 28 जुलाई से 29 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन (कुल 33 फेरे) बरहनी से दोपहर 3:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1:00 बजे देवघर पहुंचेगी।
पूर्व रेलवे के अधिकार क्षेत्र में यह ट्रेन मुंगेर (06:55/07:00 बजे), सुल्तानगंज (08:20/08:25 बजे), भागलपुर (08:55/09:05 बजे), बाराहाट (10:00/10:05 बजे) और बांका (10:40/10:45 बजे) स्टेशनों पर रुकेगी।
वापसी दिशा में 05027 देवघर-बरहनी श्रावणी मेला स्पेशल 29 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन (कुल 33 फेरे) शाम 6:45 बजे देवघर से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 3:15 बजे बरहनी पहुंचेगी।
यह ट्रेन पूर्व रेलवे के अधिकार क्षेत्र में बांका (19:38/19:40 बजे), बाराहाट (20:01/20:03 बजे), भागलपुर (20:53/21:03 बजे), सुल्तानगंज (21:25/21:30 बजे) और मुंगेर (23:15/23:20 बजे) स्टेशनों पर ठहरेगी।
रेलवे का कहना है कि श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में इस विशेष अनारक्षित ट्रेन के संचालन से यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी और नियमित ट्रेनों पर भीड़ का दबाव कम होगा।
झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में 30 जुलाई से शुरू हो रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को इस बार हाईटेक सुरक्षा कवच मिलेगा। मेले में 14 हजार से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, जबकि पहली बार एआई आधारित कंट्रोल रूम, ड्रोन और स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम से चौबीसों घंटे निगरानी होगी।
आम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रविवार और सोमवार को वीआईपी, वीवीआईपी और आउट ऑफ टर्न दर्शन की व्यवस्था भी स्थगित रहेगी। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासन का लक्ष्य 25 जुलाई तक सभी आधारभूत तैयारियां पूरी कर लेने का है, ताकि 30 जुलाई से शुरू होने वाला एक माह का यह धार्मिक आयोजन सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जिला पुलिस, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी), इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी), रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की पांच कंपनियां और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो कंपनियां तैनात रहेंगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीम भी बाबा मंदिर परिसर, संस्कार मंडप और कतार मार्ग का सुरक्षा ऑडिट कर चुकी है। मेला क्षेत्र में 21 अस्थायी पुलिस ओपी और 13 ट्रैफिक ओपी स्थापित किए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
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