'शरारत की तो दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा नाम', पाकिस्तान को आरपी सिंह की दो टूक
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत-पाकिस्तान के बीच पानी के मुद्दे पर जारी बयानबाजी के बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से पानी को लेकर की गई टिप्पणी पर आरपी सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुई कार्रवाई को याद रखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने दोबारा कोई शरारत करने की कोशिश की तो उसके लिए गंभीर परिणाम होंगे।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में आरपी सिंह ने कहा कि शहबाज शरीफ भूल रहे हैं कि जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ था तो किस प्रकार उनकी पिटाई हुई थी, किस प्रकार उनके ठिकाने ध्वस्त हुए थे और किस प्रकार उनके एयरपोर्ट तबाह हुए थे। अगर पाकिस्तान ने दोबारा कोई शरारत करने की सोची तो दुनिया के नक्शे से पाकिस्तान का नाम मिट जाएगा।
देश के विभाजन को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान का समर्थन करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि देश का बंटवारा रोका जा सकता था। पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की जल्दबाजी के कारण देश का विभाजन हुआ।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिल्कुल ठीक कहा कि देश के बंटवारे के समय लाखों लोगों की शहादत हुई। खासकर पंजाब और पश्चिम बंगाल ने बहुत कुछ सहा। पंजाब में तो गाड़ियों से लाशों से भरकर आईं। वह सचमुच आजादी का एक दर्दनाक हिस्सा है, जिसको देश ने भुला दिया था। पीएम मोदी ने उस ओर ध्यान दिलाकर काम किया है और जिसके चलते आज पूरा देश विभाजन विभीषिका को याद करता है।
आरएसएस को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर आरपी सिंह ने कांग्रेस नेता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी के उस कथित बयान का जिक्र किया, जिसमें भारत को 'यूनियन ऑफ स्टेट्स' कहा गया था। आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस की सोच भारत को एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक राष्ट्र के रूप में देखने की बजाय अलग-अलग राज्यों के समूह के रूप में देखने की है। भारत की पहचान केवल 1947 से नहीं है, इसकी सांस्कृतिक विरासत हजारों वर्ष पुरानी है। आरएसएस की विचारधारा भी भारत को एक प्राचीन सांस्कृतिक राष्ट्र के रूप में देखती है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की सोच में भारत की शुरुआत 1947 से होती है, जबकि भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान इससे हजारों साल पुरानी है।
कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे के उस बयान पर भी आरपी सिंह ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत आरएसएस मुख्यालय से होनी चाहिए। आरपी सिंह ने कहा कि प्रियंका खड़गे में देश के इतिहास के बारे में जानकारी की अभाव है, इसलिए वो इस प्रकार की बयानबाजी करते हैं। संघ की हर शाखा पर भी 15 अगस्त के दिन तिरंगा फहराया जाता है और संघ कार्यालय में भी तिरंगा फहराया जाता है। आपको देश को बांटना है, देश के अंदर विभाजन की बात करनी है, इसलिए इस प्रकार की बयानबाजी करते हैं।
--आईएएनएस
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