श्रम शक्ति संहिता लागू करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य: सीएम मोहन यादव
भोपाल, 24 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि श्रमिकों की सेवा, कल्याण और खुशी हमारे लिए सबसे पहले है। मध्य प्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जहां 'श्रम शक्ति संहिता' लागू की गई है।
मुख्यमंत्री यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से प्रदेश के श्रमिक बंधुओं को वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रख रही है। मध्य प्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जहां 'श्रम शक्ति संहिता' लागू की गई है। इसके साथ ही सरकार ने 'श्रम स्टार रेटिंग' की शुरुआत भी की है, ताकि श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि हम श्रमिकों को उनके हुनर परिष्कृत कर मेहनत से आगे बढ़ना चाहते हैं। श्रमिकों को सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 'श्रमणा' योजना की शुरुआत की गई है। हमारे श्रमिक अपने खून-पसीने से विकसित मध्य प्रदेश की नींव तैयार कर एक-एक ईंट जोड़ रहे हैं। हर परिस्थिति में श्रमिकों की कठिनाई को दूर करना सरकार का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों पर विपत्ति आने, घर चलाने वाले के असामयिक निधन, अचानक आर्थिक संकट आने पर लोग साथ छोड़ दें, परंतु हमारी सरकार कभी आपका साथ नहीं छोड़ेगी।
सीएम यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री संबल योजना 2.0 मुश्किल समय में श्रमिकों को आर्थिक सहारा भी देती है। उन्होंंने रक्षाबंधन से पहले श्रावण के अंतिम सोमवार को श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के तहत दी जाने वाली अनुग्रह सहायता राशि की 11वीं किश्त के रूप में 203 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से पात्र हितग्राहियों के खातों में अंतरित की।
उन्होंने कहा कि संबल योजना ने प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सहारा दिया है। कठिन समय में जब सभी रास्ते बंद होंगे, तब भी सरकार उनके साथ खड़ी है। यह राशि दु:ख की घड़ी में बड़ी राहत लेकर आती है।
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