शिवसेना (यूबीटी) ने प्रवक्ता आनंद दुबे को पार्टी से निकाला, अनिल देसाई के आदेश पर हुई कार्रवाई
मुंबई, 22 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने तेजतर्रार प्रवक्ता और नेता आनंद दुबे को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने इस संबंध में आधिकारिक मीडिया वक्तव्य जारी किया है।
शिवसेना यूबीटी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "मीडिया के सभी प्रतिनिधियों को सूचित किया जाता है कि पंडित अवधेश शुक्ला द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी एवं प्रस्तुत किए गए तथ्यों के आधार पर, अनिल देसाई ने आनंद दुबे को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय की सूचना संबंधित संगठनात्मक पदाधिकारियों को दे दी गई है।"
यह आदेश पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल देसाई के निर्देश पर जारी किया गया है। हालांकि पार्टी ने निष्कासन की वजह को लेकर विस्तार से कुछ नहीं बताया है लेकिन माना जा रहा है कि अंदरूनी शिकायत और अनुशासनहीनता के चलते यह कदम उठाया गया है। आनंद दुबे शिवसेना यूबीटी के सबसे चर्चित चेहरों में से एक रहे हैं। वह लगातार टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखते थे और उद्धव ठाकरे के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। अचानक हुए इस निष्कासन से राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि हाल के दिनों में आनंद दुबे के कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी हाईकमान नाराज था। पंडित अवधेश शुक्ला द्वारा दी गई रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया। वहीं, आनंद दुबे की ओर से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन वह जल्द ही अपना पक्ष रख सकते हैं।
शिवसेना यूबीटी में पिछले कुछ महीनों से संगठनात्मक बदलाव चल रहे हैं और अनुशासन को लेकर पार्टी सख्त रुख अपना रही है। आनंद दुबे का निष्कासन उसी का हिस्सा माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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