शिवसेना (यूबीटी) ने सांसदों की दिल्ली में बुलाई अहम बैठक
नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। पार्टी के अंदर चल रही उथल-पुथल के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने एक बार फिर सांसदों की बैठक बुलाई है। इसके पहले रविवार को सांसदों की बैठक बुलाई थी, जिसमें तीन सांसद शामिल हुए थे।
शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने सांसदों को पत्र भेजा है। पत्र में लिखा, "शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के सभी लोक सभा सदस्यों को सूचना दी जाती है कि पार्टी के विभिन्न मुद्दों को लेकर संसदीय दल की अहम बैठक गुरुवार, 18 जून, 2026 को दिन में 11.00 बजे, संसदीय दल कार्यालय 128-ए, संविधान सदन, संसद भवन, नई दिल्ली में रखी गई है। पार्टी के सभी लोक सभा सदस्यों से निवेदन है कि बैठक में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें।"
इसके अलावा शिवसेना (यूबीटी) ने 22 जून को शाम चार बजे पार्टी कार्यालय में सभी विधायकों की मीटिंग बुलाई है। मुख्य सचेतक सुनील प्रभु और एमएलसी अनिल परब की ओर से लिखे पत्र में कहा गया, "शिवसेना (यूबीटी) विधायक दल (विधानसभा और विधान परिषद दोनों) के सभी सदस्यों की बैठक 22 जून को शाम 4:00 बजे मुंबई में मंत्रालय के सामने स्थित 'शिवालय' में बुलाई गई है। पार्टी प्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे इस बैठक में मार्गदर्शन करेंगे। आपसे अनुरोध है कि उक्त बैठक में समय पर उपस्थित हों।"
इससे पहले रविवार को उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बैठक बुलाई थी। 9 लोकसभा सदस्यों में से अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजभाऊ वाजे और संजय पाटिल व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल हुए थे। संजय राउत ने बताया था कि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ने ऑनलाइन बैठक में भाग लिया, जबकि संजय जाधव ने फोन पर ठाकरे से बात की। बता दें कि शिवसेना यूबीटी के वर्तमान में 9 सांसद हैं और 19 विधायक हैं।
वहीं, 16 जून को शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के सांसद अरविंद सावंत ने पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के निर्देश पर लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र के जरिए पार्टी के कुछ सांसदों को अलग समूह के रूप में मान्यता दिए जाने अथवा किसी अन्य राजनीतिक दल में विलय की संभावनाओं पर गंभीर आपत्ति जताई गई है। इसके साथ ही मांग की गई है कि बागी सांसदों को अलग मान्यता न दिया जाए।
--आईएएनएस
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