शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, जेपी नड्डा बातचीत करने जंतर-मंतर आएं: सौरभ दास
नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सोशल मीडिया पोस्ट पर्याप्त नहीं है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए सौरभ दास ने कहा कि जब तक उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पर भी सवाल उठाया कि वे प्रदर्शनकारियों से मिलने स्वयं जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर क्यों नहीं आ रहे हैं।
सौरभ दास ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में लोग सिर्फ एक मांग को लेकर दिल्ली पहुंचे हैं और वह है शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक सरकार उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के बीच कुछ असामाजिक तत्वों को जानबूझकर घुसाने की कोशिश की जा रही है, ताकि माहौल खराब हो और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बने। प्रदर्शनकारियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें पुलिस के हवाले किया जाएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया एक्स पोस्ट पर कहा कि यह केवल एक 'बैंड-एड मेजर' है, जिससे समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार लोगों को भ्रमित करने के बजाय अपने मंत्री का इस्तीफा ले। आखिर धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल में बनाए रखने की ऐसी क्या मजबूरी है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
पेपर लीक मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर कराने की बात पर भी दास ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा अदालतों को ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट में बदल दिया जाएगा तो इससे पहले से लंबित करोड़ों मामलों का बोझ और बढ़ेगा। यदि सरकार वास्तव में न्याय व्यवस्था को तेज करना चाहती है तो नए न्यायालय स्थापित करने होंगे, नए न्यायाधीशों की नियुक्ति करनी होगी और ईमानदार व निष्पक्ष जजों को जिम्मेदारी देनी होगी। केवल ढांचा बदलने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी, जब तक महत्वपूर्ण पदों पर योग्य और ईमानदार लोगों की नियुक्ति नहीं होती। इसी तर्क के आधार पर उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग को उचित ठहराया।
सरकार के साथ बातचीत को लेकर दास ने बताया कि एक बार फिर जेपी नड्डा के कार्यालय से उन्हें मिलने का निमंत्रण मिला है। हालांकि, उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि वे न तो जेपी नड्डा के घर जाएंगे और न ही उनके कार्यालय। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी उन्हें कई घंटे तक रोके रखा गया था। यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो जेपी नड्डा खुद जंतर-मंतर आएं या फिर किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत करें।
विदेशी फंडिंग और बाहरी ताकतों से समर्थन मिलने के आरोपों को खारिज करते हुए दास ने कहा कि उनके खिलाफ समय-समय पर कई तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन कुछ भी साबित नहीं हुआ। कभी जॉर्ज सोरोस, कभी चीन, पाकिस्तान, अमेरिका के 'डीप स्टेट', आतंकवाद और अन्य तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन इनमें से कोई भी टिक नहीं पाया। उनके खिलाफ झूठे नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह के आरोपों को बढ़ावा दे रहे हैं, भविष्य में उन्हें भी जवाबदेह ठहराया जाएगा।
--आईएएनएस
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