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शिकायतों का 24 घंटे में जवाब, राजस्व मामलों का 15 दिन में निस्तारण: सीएम योगी

लखनऊ, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनशिकायतों के प्रति संवेदनशील रहने और उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने निर्विवाद राजस्व मामलों का 15 दिन में निस्तारण करने, लंबित प्रकरणों की सूची तहसीलों में सार्वजनिक करने और शारदीय नवरात्रि से छठ महापर्व तक वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं क्षेत्र में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा।
 

लखनऊ, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनशिकायतों के प्रति संवेदनशील रहने और उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने निर्विवाद राजस्व मामलों का 15 दिन में निस्तारण करने, लंबित प्रकरणों की सूची तहसीलों में सार्वजनिक करने और शारदीय नवरात्रि से छठ महापर्व तक वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं क्षेत्र में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा।

सीएम योगी ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, यातायात और जनसुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीए योगी ने दाखिल-खारिज, पैमाइश, वरासत तथा जाति और आय प्रमाण-पत्र से जुड़े मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समय पर काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई और जनशिकायतों की शासन स्तर पर नियमित समीक्षा करने पर भी उन्होंने जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि से छठ तक जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक स्वयं क्षेत्र में भ्रमण करें और गश्त में शामिल हों। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। महिला सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र प्रभावी ढंग से संचालित करने, महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा एंटी-रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।

उन्होंने 11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दौरान प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त कार्मिक तैनात करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। थाना, चौकी और जनपद स्तर पर पीस कमेटियों की बैठकें आयोजित कर धर्मगुरुओं, आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए। शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर ढीले बिजली तारों की मरम्मत, सड़कों और पुलियों को दुरुस्त करने, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने के साथ चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन तथा गोताखोरों की व्यवस्था करने को कहा।

मेलों और विसर्जन स्थलों पर खोया-पाया केंद्र, सहायता केंद्र और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की जाए। प्रमुख स्थलों की ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी हो तथा शोभायात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें न लगने दी जाएं। किसानों के लिए उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी सहकारी समिति खाद के स्टॉक से खाली न रहे। अतिवृष्टि से हुए नुकसान और राहत वितरण की पूरी जानकारी अगले 48 घंटे में राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवास वाले परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में समुचित व्यवस्था बनाए रखने, पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ देने और सड़क कटिंग से जुड़ी समस्याओं का 31 अक्टूबर तक समाधान करने के निर्देश दिए। मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने, अतिरिक्त बसें चलाने, बस स्टेशनों पर स्वच्छता तथा भीड़ के अनुरूप यातायात डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।

--आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी