शी चिनफिंग और किम जोंग उन ने की भेंट
बीजिंग, 8 जून (आईएएनएस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के महासचिव, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सोमवार को प्योंगयांग के कुमसुसन गेस्टहाउस में कोरियाई श्रमिक पार्टी के महासचिव और कोरियाई लोकतांत्रिक जन गणराज्य (डीपीआरके) के राज्य मामला आयोग के अध्यक्ष किम जोंग उन के साथ मुलाकात की।
इस मौके पर शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और डीपीआरके कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले समाजवादी देश हैं। दोनों देशों के बीच परंपरागत मित्रता की गहरी ऐतिहासिक जड़, मजबूत राजनीतिक आधार और भावनात्मक बंधन है। पीढ़ी दर पीढ़ी मित्रता, साझा भविष्य और आपसी मदद हमेशा चीन-डीपीआरके संबंधों की विशेषता है। चाहे अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में कितना भी बड़ा परिवर्तन क्यों न आया हो, डीपीआरके के साथ परंपरागत मित्रता पर ध्यान देने का सीपीसी और चीन सरकार का दृढ़ रुख कभी नहीं बदलेगा।
शी चिनफिंग ने कहा कि दुनिया में सदी का अभूतपूर्व परिवर्तन तेज हो रहा है। दोनों पक्षों को अतीत को आगे बढ़ाते हुए भविष्य को खोलना होगा। चीन-डीपीआरके संबंधों के विकास पर शी चिनफिंग ने चार सुझाव पेश किए।
पहला, उच्च स्तरीय आदान-प्रदान के नेतृत्व में आपसी राजनीतिक विश्वास की नींव मजबूत करें। दूसरा, लोगों को लाभ पहुंचाने के लक्ष्य में व्यावहारिक सहयोग का स्तर उन्नत करें। तीसरा, मित्रता के विकास को प्रेरक शक्ति के रूप में लोगों के बीच आपसी संपर्क के रिश्तों को मजबूत करें और चौथा, निष्पक्षता और न्याय के सिद्धांतों पर रणनीतिक समन्वय की गुणवत्ता बेहतर बनाएं।
वहीं, किम जोंग उन ने कहा कि महासचिव शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय की विचारधारा और चार वैश्विक पहलें विश्व शांति और विकास बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हाल के वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में अभूतपूर्व पैमाने पर बड़ा बदलाव हो रहा है। डीपीआरके हमेशा एक चीन की नीति पर कायम रहता है और चीन के मूल हितों व रुखों का दृढ़ समर्थन करता है। नए युग में डीपीआरके-चीन मित्रता को मजबूत करना और विकास करना लोगों का चुनाव और समय की जरूरत है, जो डीपीआरके की हमेशा की रणनीतिक चुनाव और अटूट रणनीतिक इच्छाशक्ति है। डीपीआरके चीन के साथ संबंधों के विकास को प्राथमिक रणनीतिक कार्य मानता है और चीन के साथ संबंधों को देशों के बीच संबंधों की आदर्श मिसाल खड़ा करने में पूरा प्रयास करेगा, ताकि क्षेत्रीय व विश्व शांति व समृद्धि के लिए योगदान दिया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
