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शी चिनफिंग ने एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लिया

बीजिंग, 1 सितंबर (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
 

बीजिंग, 1 सितंबर (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

एससीओ के वर्तमान अध्यक्ष देश किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। एससीओ के सदस्य देश बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव और एससीओ के महासचिव नूरलान येर्मेकबायेव ने इसमें हिस्सा लिया।

इस मौके पर शी चिनफिंग ने एससीओ के उच्च गुणवत्ता वाला विकास बढ़ाएं शीर्षक पर अहम भाषण दिया। उन्होंने कहा कि इस साल एससीओ की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है। पिछले 25 सालों में एससीओ एक असाधारण यात्रा से गुजरा और दुनिया में सबसे बड़ा इलाका, सबसे ज्यादा आबादी और विकास की बड़ी संभावना वाला नए प्रकार का क्षेत्रीय सहयोग संगठन बन गया है।

शी चिनफिंग ने कहा कि 25 साल बाद दुनिया में सदी का अभूतपूर्व परिवर्तन तेजी से हो रहा है। मानवता के भविष्य और नियति के चौराहे पर खड़े होकर एससीओ को ऐतिहासिक जिम्मेदारी उठाकर इतिहास के पाठ्यक्रम का सक्रिय रूप से मार्गदर्शन करना होगा।

इसके मद्देनजर शी चिनफिंग ने चार सूत्रीय विचार पेश किए। पहला, विकास को प्राथमिकता देते हुए साझा समृद्धि की संभावना बनाएं। दूसरा, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सार्वभौमिक रूप से सुरक्षित वातावरण बनाएं। तीसरा, मानव को प्राथमिकता देते हुए पीढ़ी दर पीढ़ी दोस्ती की नींव मजबूत करें और चौथा, बातचीत और समन्वय को प्राथमिकता देते हुए निष्पक्ष और व्यवस्थित शासन में सुधार करें।

शी चिनफिंग ने जोर दिया कि चीन विभिन्न पक्षों के साथ "शांगहाई भावना" पर कायम रहते हुए अगले 10 सालों में एससीओ की विकास रणनीति का कार्यान्वयन करना चाहता है। ताकि उच्च गुणवत्ता वाला विकास किया जा सके और मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाने में ज्यादा योगदान दिया जा सके।

शिखर सम्मेलन में उपस्थित एससीओ के सदस्य देशों के नेताओं ने पिछले 25 वर्षों में एससीओ के विकास में मिली उपलब्धियों का सक्रिय मूल्यांकन किया और संस्थापक देश होने के नाते चीन के योगदान की प्रशंसा की।

सदस्य देशों के नेताओं ने एससीओ शिखर सम्मेलन के बिश्केक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए, एससीओ के चार्टर का प्रोटोकॉल आदि नियमों में संशोधन करने की अनुमति दी और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक सहयोग व संगठन के विकास आदि 28 दस्तावेज पारित किए।

शिखर सम्मेलन में तय किया गया कि पाकिस्तान वर्ष 2026 से 2027 के लिए एससीओ के अध्यक्ष देश की जिम्मेदारी संभालेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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