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शनचो-23 के अंतरिक्ष यात्रियों ने सफल स्पेसवॉक की पूरी

बीजिंग, 28 अगस्त (आईएएनएस)। चीनी अंतरिक्ष स्टेशन में कार्यरत शनचो-23 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने शुक्रवार को सफलतापूर्वक स्पेसवॉक पूरी की। अंतरिक्ष यात्री चू यांगचू ने तीन साल बाद एक बार फिर अंतरिक्ष में कदम रखा, जबकि चांग चीयुआन ने अपना पहला स्पेसवॉक मिशन पूरा किया।
 

बीजिंग, 28 अगस्त (आईएएनएस)। चीनी अंतरिक्ष स्टेशन में कार्यरत शनचो-23 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने शुक्रवार को सफलतापूर्वक स्पेसवॉक पूरी की। अंतरिक्ष यात्री चू यांगचू ने तीन साल बाद एक बार फिर अंतरिक्ष में कदम रखा, जबकि चांग चीयुआन ने अपना पहला स्पेसवॉक मिशन पूरा किया।

पेइचिंग समय के अनुसार शुक्रवार दोपहर 1 बजकर 59 मिनट पर करीब साढ़े पांच घंटे की स्पेसवॉक के बाद शनचो-23 दल के अंतरिक्ष यात्रियों चू यांगचू, चांग चीयुआन और ली च्यायिंग ने आपसी समन्वय के साथ अंतरिक्ष स्टेशन के रोबोटिक आर्म और जमीन पर मौजूद वैज्ञानिकों के सहयोग से सौर पैनलों की बाहरी मरम्मत और अंतरिक्ष मलबे से बचाव के उपकरणों की स्थापना का काम पूरा किया।

स्पेसवॉक करने वाले अंतरिक्ष यात्री चू यांगचू और चांग चीयुआन सुरक्षित रूप से थ्यानहे कोर मॉड्यूल में लौट आए। इसके साथ ही स्पेसवॉक पूरी तरह सफल रही।

यह शनचो-23 दल की पहली स्पेसवॉक थी। साथ ही, यह चीनी अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा सौर पैनलों की दूसरी बाहरी मरम्मत थी। इससे अंतरिक्ष स्टेशन की बिजली आपूर्ति की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया गया।

बता दें कि इस साल 24 मई की देर रात अंतरिक्ष यात्री चू यांगचू, चांग चीयुआन और ली च्यायिंग शनचो-23 मानवयुक्त अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद 25 मई की सुबह उन्होंने थ्यानकोंग अंतरिक्ष स्टेशन में प्रवेश किया था।

चीन मानवयुक्त अंतरिक्ष इंजीनियरिंग कार्यालय के अनुसार, अंतरिक्ष स्टेशन में पहुंचने के बाद से शनचो-23 दल ने कक्षीय स्थानांतरण, पेलोड तैनाती, डॉकिंग अभ्यास, चिकित्सा अभ्यास और पूरी प्रणाली से जुड़े दबाव आपातकालीन अभ्यास किए हैं।

इसके अलावा, उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन के रखरखाव, जीवन समर्थन और स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े नियमित काम भी किए हैं। अंतरिक्ष जीवन विज्ञान, मानव शरीर पर शोध, सूक्ष्मगुरुत्वाकर्षण भौतिकी और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रयोगों में भी लगातार प्रगति हो रही है।

तीनों अंतरिक्ष यात्री अब तीन महीने से अधिक समय से कक्षा में हैं। आने वाले समय में वे तय योजना के अनुसार वैज्ञानिक प्रयोग, तकनीकी परीक्षण, पेलोड संचालन और विज्ञान शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां जारी रखेंगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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