शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत मिलनी चाहिए थी: उदित राज
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज करने पर जहां भाजपा नेताओं ने सहमति जताई है, वहीं कांग्रेसी नेताओं ने आपत्ति जताई। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत मिलनी चाहिए।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फैसला मुस्लिम विरोधी है, तो उन्होंने कहा कि यह मुस्लिम विरोधी नहीं है, लेकिन यह एक राजनीतिक फैसला है। सरकार ने मुस्लिम समुदाय के लिए एक अलग कानून बनाया है। उन पर अलग कानून लागू होता है। अगर वे कोई बयान भी देते हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत मिलनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि मुसलमानों को सताया जा रहा है, लेकिन हिंदू समुदाय इसका खामियाजा भुगत रहा है। इसी बहाने बेरोजगारी जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है, महंगाई को अनदेखा किया गया है, शिक्षा की उपेक्षा की गई है, और इसका नुकसान हिंदुओं को हो रहा है। हिंदू को घाटा हो रहा है।
सोमनाथ मंदिर को लेकर पीएम मोदी के ब्लॉग पर कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रियंका गांधी ने जो जवाब दिया है, हम भी वही देंगे। नेहरू की जितनी भी गलतियां हैं, एक बार में कह दीजिए। सरकार को महंगाई और बेरोजगारी पर काम करना चाहिए।
वहीं, कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और दोनों बातें गलत हैं। एक तरफ कहा जाता है कि जमानत नियम है और जेल अपवाद है। तो फिर यहां जमानत क्यों नहीं दी जा रही है? दूसरी बात, यह कहना कि एक साल तक जमानत के लिए आवेदन भी नहीं किया जा सकता, यह संवैधानिक अधिकारों का पूरी तरह उल्लंघन है। गैर-जमानती मामलों में जमानत देना या न देना कोर्ट के विवेक पर है, लेकिन यह कहना कि एक साल तक जमानत के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता, इसका कानून में कोई आधार नहीं है, जहां तक मुझे पता है।
--आईएएनएस
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