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शाओशिंग दौरे पर शंघाई में भारत के कॉन्सुलेट जनरल, चीनी अधिकारियों और भारतीय समुदाय से की मुलाकात

बीजिंग, 29 जुलाई (आईएएनएस)। भारत-चीन के बीच संबंधों को सहज बनाने के प्रयास जारी हैं। बुधवार को शंघाई स्थित महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर शाओशिंग पहुंचे। यहां उन्होंने चीनी अधिकारियों संग गहन चर्चा की और भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की।
 

बीजिंग, 29 जुलाई (आईएएनएस)। भारत-चीन के बीच संबंधों को सहज बनाने के प्रयास जारी हैं। बुधवार को शंघाई स्थित महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर शाओशिंग पहुंचे। यहां उन्होंने चीनी अधिकारियों संग गहन चर्चा की और भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की।

शंघाई स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इसकी जानकारी सोशल प्लेटफॉर्म पर दी। कॉन्सुलेट जनरल ने एक्स पर एक बयान जारी किया। पोस्ट में बताया गया कि प्रतीक माथुर का चीन के झेजियांग प्रांत के प्रीफेक्चर स्तर के शहर शाओशिंग के आधिकारिक दौरे के दौरान वहां की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) सचिव शी हुइफांग ने स्वागत किया।

इस दौरान दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। चर्चा में पार्टी सचिव शी की हालिया भारत यात्रा का भी उल्लेख हुआ, जिसमें उन्होंने नई दिल्ली और बेंगलुरु दौरा किया था।

महावाणिज्य दूत ने पिछले महीने आयोजित दूसरी एशियन रिले चैंपियनशिप के दौरान भारतीय एथलेटिक्स टीम को दिए गए सहयोग के लिए शहर के नेतृत्व का धन्यवाद किया। इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने कई पदक जीते थे, जिसमें महिला 4x100 मीटर रिले स्पर्धा में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक भी शामिल था।

दौरे के दौरान प्रतीक माथुर ने चीन में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने लू शुन फाउंडेशन के निमंत्रण पर चीन के महान कवि लू शुन के घर का दौरा किया और भारत के महान कवि एवं साहित्यकार गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के साथ उनकी गहरी मित्रता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इससे एक दिन पहले ही विदेश सचिव विक्रम मिस्री चीन में थे। वो मंगलवार को बीजिंग की अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त कर वापस लौटे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने कई चीनी अधिकारियों के साथ भारत-चीन संबंधों के सभी पहलुओं पर विस्तृत वार्ता की। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब हाल के महीनों में दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाया है।

मिस्री की यह यात्रा विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच 21 जुलाई को मनीला में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) से संबंधित बैठकों के दौरान हुई मुलाकात के बाद हुई है।

भारत और चीन ने 2020 में गलवान घाटी की झड़पों और चार साल से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों में आई भारी गिरावट के बाद उन्हें फिर से संवारने के लिए पिछले एक साल में कई उपाय किए हैं।

--आईएएनएस

केआर/