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सेहतमंद रहने के लिए रोजाना डाइट में नमक, चीनी और तेल की कितनी मात्रा सही, एडवाइजरी जारी

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। आजकल की व्यस्त दिनचर्या में हम स्वाद के चक्कर में लोग सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। लोग जंक फूड और पैक्ड फूड की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, जो कि सेहत के लिए हानिकारक है। इसी लत को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की।
 
सेहतमंद रहने के लिए रोजाना डाइट में नमक, चीनी और तेल की कितनी मात्रा सही, एडवाइजरी जारी

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। आजकल की व्यस्त दिनचर्या में हम स्वाद के चक्कर में लोग सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। लोग जंक फूड और पैक्ड फूड की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, जो कि सेहत के लिए हानिकारक है। इसी लत को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की।

मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए लोगों को आगाह किया कि कैसे रोजमर्रा की खाने की आदतें हमें गंभीर बीमारियों की ओर ले जा रही है।

मंत्रालय द्वारा जारी वीडियो के अनुसार, जंक फूड में तेल, चीनी और नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है, जबकि शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व लगभग न के बराबर होते हैं। वीडियो में स्पष्ट किया गया है कि एक स्वस्थ वयस्क के लिए चीनी, नमक और तेल की दैनिक सीमा क्या होनी चाहिए।

अपने रोजाना खाने में 5 ग्राम नमक, 20-25 ग्राम तक चीनी और रोजाना खाने में तेल की मात्रा 25-30 ग्राम होनी चाहिए।"

मंत्रालय ने शिशुओं के स्वास्थ पर विशेष जानकारी दी। गाइडलाइन में कहा गया है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को भोजन में नमक और चीनी का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। वहीं, चिप्स, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक, पिज्जा और बर्गर जैसे पदार्थ बच्चों में मोटापे और डायबिटीज का मुख्य कारण बन रहे हैं। जंक फूड की जगह बच्चों को घर में बने पौष्टिक और स्वादिष्ट विकल्प जैसे ताजे मौसमी फल और सूखे मेवे, भुने हुए चने, मूंगफली या मुरमुरा, घर की बनी लस्सी, नींबू पानी या रागी के लड्डू देने चाहिए।

मंत्रालय ने स्वास्थ रहने के लिए कुछ आसान और फायदेमंद उपाय भी बताए। उन्होंने बताया, "अपने आसपास के बाजार में जो फल और सब्जियां मिलती हैं, वे ही सबसे ताजी और पौष्टिक होती हैं। हर मौसम की अपनी खास सब्जियां होती हैं। उन्हें अपने खाने में शामिल करना बहुत फायदेमंद होता है। थाली में जितने अधिक रंगों की सब्जियां होंगी, शरीर को उतने ही अधिक प्रकार के पोषक तत्व मिलेंगे।"

फलों का रस निकालने के बजाय सीधे फल खाएं। इससे शरीर को भरपूर फाइबर मिलता है और पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है। केवल गेहूं और चावल पर निर्भर न रहें। बाजरा, रागी और अन्य मोटे अनाज (मिलेट्स) को आहार में शामिल करें।

वीडियो में रसोई से जुड़ी कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए। तेल का बार-बार इस्तेमाल करना सेहत के लिए हानिकारक है। साथ ही दालों और अनाज को पकाने से पहले उन्हें पानी में भिगोना चाहिए, ताकि उनके पोषक तत्व शरीर को बेहतर तरीके से मिल सकें।

--आईएएनएस

एनएस/वीसी