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सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी पर शिवमय हुआ हरिद्वार, दक्षेश्वर महादेव के दर्शन के लिए लगा तांता

हरिद्वार, 17 अगस्त (आईएएनएस)। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर हरिद्वार में कनखल स्थित प्राचीन दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
 

हरिद्वार, 17 अगस्त (आईएएनएस)। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर हरिद्वार में कनखल स्थित प्राचीन दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।

दक्षेश्वर महादेव मंदिर के पंडित नितिन बिजलवान ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "वैसे तो हर दिन, हर रात, हर क्षण महादेव का ही है, लेकिन सावन मास महादेव को अधिक प्रिय है। इसी वजह से सावन को हम इतने उत्साह से मनाते हैं।"

उन्होंने पौराणिक कथा का जिक्र करते हुए बताया कि कनखल में स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर को महादेव का ससुराल कहा जाता है। मान्यता है कि सावन के महीने में महादेव यहीं निवास करते हैं। इसी कारण श्रावण मास में हरिद्वार में विशेष रौनक होती है।

पूजा की विधि के बारे में बताते हुए पंडित नितिन बिजलवान ने कहा, "पूजन की विद्या तो अनेकों हैं, लेकिन भगवान भाव के भूखे हैं। आप ज्यादा उलझनों में ना पड़ें। एक लोटा जल भाव से आप चढ़ाइए और पुण्य के भागी बनिए।"

नाग पंचमी के बारे में बताते हुए पंडित जी ने कहा, "नाग पंचमी की काफी महत्ता है। इस दिन नाग-नागिन का जोड़ा महादेव को अर्पित किया जाता है। शिवलिंग पर नाग-नागिन की पूजा की जाती है, उन्हें दूध, अक्षत और फल अर्पित किए जाते हैं। नाग पंचमी हमें जीवों पर दया और जीवों की रक्षा का संदेश भी देती है।"

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे भक्ति भाव से पूजा-पाठ करें और मंदिर की व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। व्यवस्था को न बिगाड़ें। स्वच्छता का विशेष ध्यान दें। भारत देश का संकल्प है स्वच्छ भारत रहे, तो शुरुआत हमें अपने से ही करनी चाहिए। श्रावण मास हो या कोई भी दिन हो, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और भक्ति भाव से अपना नित्य कर्म करते रहें।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस